पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी की पहल:महिलाओं ने सीखे मशरूम प्रोसेसिंग के गुर, अचार और पाउडर बनाने की ली ट्रेनिंग
- DSS Admin
- May 13, 2026
भास्कर न्यूज | लुधियाना विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. मक्खन सिंह भुल्लर के कुशल मार्गदर्शन में पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के कौशल विकास केंद्र ने पीएयू के माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग के सहयोग से पंजाब के किसानों और ग्रामीण महिलाओं के लिए "मशरूम की खेती" पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए डॉ. रूपिंदर कौर ने बताया कि पंजाब के विभिन्न जिलों से आए 77 प्रशिक्षुओं ने विश्वविद्यालय के विभिन्न विषय विशेषज्ञों से इस पाठ्यक्रम से जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि मशरूम की खेती एक अत्यंत लाभकारी व्यवसाय है, जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति एक सफल उद्यमी के रूप में अपनी एक विशिष्ट पहचान बना सकता है। उन्होंने कहा कि किसानों को स्वयं को केवल मशरूम की खेती तक ही सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि मशरूम पाउडर, अचार और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों जैसे उत्पाद तैयार करके मशरूम प्रसंस्करण के माध्यम से भी अच्छा मुनाफा कमाना चाहिए। पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. कुलवीर कौर ने बताया कि इस व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए कौशल विकास केंद्र वर्ष में दो बार इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन करता है। इस पाठ्यक्रम के दौरान, माइक्राबायोलॉजी विज्ञान विभाग की डॉ. शिवानी शर्मा, डॉ. जसप्रीत कौर और डॉ. अन्ना गोयल, खाद्य एवं पोषण विभाग की डॉ. सोनिका शर्मा, खाद्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के डॉ. अर्शदीप सिंह, व्यावसायिक अध्ययन संकाय के डॉ. राकेश राठौड़, कीट विज्ञान विभाग की डॉ. अनुरीत कौर और राज्य बागवानी विभाग की डॉ. गुरप्रीत कौर सहित विभिन्न विशेषज्ञों ने मशरूम से संबंधित विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षुओं के साथ जानकारी सांझा की। डॉ. कुलवीर कौर और श्रीमती कंवलजीत कौर ने मशरूम का अचार बनाने की विधि का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। विस्तार विशेषज्ञ डॉ. लवलेश गर्ग ने कौशल विकास केंद्र में संचालित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी।

