ग्रेच्युटी और कर्मचारी दर्जे की मांग को लेकर शिमला में प्रदर्शन करेंगी आंगनवाड़ी कर्मी

नाहन, 07 जून (हि.स.)। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और हेल्परों की लंबित मांगों को लेकर सोमवार यानी 8 जून को शिमला में होने वाले सचिवालय घेराव में जिला सिरमौर से बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कर्मियों के शामिल होने की तैयारी है। आंगनवाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन (सीटू) ने दावा किया है कि जिले से हजारों कार्यकर्ता और हेल्पर इस प्रदर्शन में भाग लेंगी और सरकार के समक्ष अपनी मांगों को जोरदार तरीके से उठाएंगी।

सीटू के जिला महासचिव आशीष कुमार, जिला अध्यक्ष राजेश तोमर, आंगनवाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन की जिला महासचिव वीना शर्मा और जिला अध्यक्ष नीलम शर्मा ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और हेल्पर लंबे समय से बेहतर सेवा शर्तों, सामाजिक सुरक्षा और कर्मचारी अधिकारों की मांग कर रही हैं।

उनका आरोप है कि सरकार अब तक उनकी समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रही है, जबकि आंगनवाड़ी कर्मी वर्षों से बच्चों, महिलाओं और समाज के कमजोर वर्गों के लिए महत्वपूर्ण सेवाएं दे रही हैं।

यूनियन नेताओं ने कहा कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने आंगनवाड़ी कर्मचारियों को ग्रेच्युटी का लाभ देने के पक्ष में फैसला दिया है। उनका कहना है कि इस निर्णय को सभी राज्यों में प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए और हिमाचल प्रदेश में भी आंगनवाड़ी कर्मियों को जल्द से जल्द इसका लाभ मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सचिवालय घेराव के दौरान यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाएगा।

यूनियन के अनुसार प्रदर्शन के दौरान आंगनवाड़ी कर्मी ग्रेच्युटी के भुगतान के अलावा ईपीएफ और ईएसआई की सुविधा, नियमित कर्मचारी का दर्जा, सम्मानजनक वेतन, पेंशन, सेवा निवृत्ति लाभ, सभी प्रकार की छुट्टियों की व्यवस्था, रिक्त पदों को भरने और एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) के निजीकरण पर रोक लगाने जैसी मांगें भी सरकार के सामने रखेंगी।

नेताओं का कहना है कि आंगनवाड़ी कर्मियों पर बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण दायित्व हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें न तो नियमित कर्मचारी का दर्जा मिला है और न ही अन्य कर्मचारियों जैसी सुविधाएं। उनका मानना है कि सरकार को उनके योगदान को देखते हुए उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।

यूनियन ने जिला सिरमौर की सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और हेल्परों से बड़ी संख्या में शिमला पहुंचने की अपील की है। संगठन का कहना है कि यह प्रदर्शन आंगनवाड़ी कर्मियों के अधिकारों और भविष्य से जुड़े मुद्दों को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास है और इसके माध्यम से लंबित मांगों के समाधान के लिए दबाव बनाया जाएगा।

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