चंडीगढ़ में पढ़ाने की बजाय मंचों पर सक्रिय रही शिक्षिका:शिक्षा विभाग ने नौकरी से किया बाहर, जेबीटी टीचर पर अनुशासनहीनता के आरोप

चंडीगढ़ शिक्षा विभाग ने अनुशासनहीनता और लगातार मिल रही शिकायतों के चलते हल्लोमाजरा हाई स्कूल में तैनात एक जेबीटी शिक्षिका की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। शिक्षिका समग्र शिक्षा अभियान (एसएसए) के तहत अनुबंध पर नियुक्त थी। विभाग का कहना है कि कई बार चेतावनी और शोकॉज नोटिस जारी करने के बावजूद उसके व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया, जिसके बाद यह सख्त कार्रवाई की गई। विभागीय सूत्रों के अनुसार शिक्षिका के खिलाफ स्कूल प्रशासन की ओर से लगातार शिकायतें भेजी जा रही थीं। आरोप था कि शिक्षिका पढ़ाई पर पूरा ध्यान देने की बजाय अलग-अलग मंचों और गतिविधियों में ज्यादा सक्रिय रहती थी। इससे स्कूल में पढ़ाई का माहौल प्रभावित हो रहा था। कुछ मामलों में विद्यार्थियों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की शिकायतें भी सामने आई थीं। मामले को गंभीर मानते हुए शिक्षा विभाग ने 15 मई को शिक्षिका को शोकॉज नोटिस जारी किया था। नोटिस में उस पर लगे आरोपों का जवाब देने और अपने व्यवहार में सुधार लाने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि विभाग के अनुसार न तो कोई संतोषजनक जवाब मिला और न ही उसके कामकाज में अपेक्षित बदलाव दिखाई दिया। इसके बाद स्कूल प्रशासन की रिपोर्ट और जांच में मिले सबूतों के आधार पर विभाग ने शिक्षिका की सेवाएं समाप्त कर दीं। स्कूल समय में यूनियन गतिविधियों पर भी सख्ती शिक्षिका के खिलाफ कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग ने सभी एसएसए शिक्षकों को स्पष्ट संदेश दिया है कि स्कूल समय के दौरान किसी भी प्रकार की यूनियन या सार्वजनिक गतिविधियों में भागीदारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग का कहना है कि शिक्षकों का मुख्य काम बच्चों को अच्छी शिक्षा देना और स्कूल में पढ़ाई का माहौल बनाए रखना है। शिक्षा विभाग इससे पहले भी इसी तरह के एक मामले में कार्रवाई कर चुका है। फरवरी-मार्च में डेपुटेशन पर आई एक शिक्षिका को भी वापस पंजाब भेज दिया गया था। उस पर बार-बार छुट्टी लेने, बीमारी का बहाना बनाने और काम में रुचि न दिखाने के आरोप थे। स्कूल प्रशासन ने उसके खिलाफ कई शिकायतें भी की थीं। अधिकारियों से मिलने का समय तय शिक्षा विभाग में विभिन्न कर्मचारी और शिक्षक यूनियनें सक्रिय हैं, जो समय-समय पर अपनी मांगें उठाती रहती हैं। स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए स्कूल शिक्षा निदेशक नितिश सिंगला पहले ही निर्देश जारी कर चुके हैं कि शिक्षक और कर्मचारी किसी भी मांग या समस्या को लेकर अधिकारियों से दोपहर तीन बजे के बाद ही मुलाकात करें।

   

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