केंद्र में सेवाएं देंगे हरियाणा के आईपीएस आलाेक मित्तल, बने बीपीआरएंडडी के महानिदेशक

हरियाणा के आईपीएस आलाेक मित्तल


चंडीगढ़, 06 जुलाई । हरियाणा जेल विभाग के महानिदेशक आईपीएस अधिकारी आलोक मित्तल अब केंद्र में सेवाएं देंगे। आलोक मित्तल को गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (बीपीआरएंडडी) के महानिदेशक (डीजी) पद पर तैनात किया गया है। सोमवार को इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं।

पुलिस सेवा में लंबे प्रशासनिक, अनुसंधान एवं जांच अनुभव के कारण उनकी नियुक्ति को देश में पुलिस आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

आलोक मित्तल पहले भी केंद्र में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। मनोहर सरकार के दूसरे कार्यकाल के दौरान उन्हें केंद्र से हरियाणा में बुलाया गया था और वह लंबे समय तक सीआईडी चीफ के पद पर भी रहे।

बीपीआरएंडडी गृह मंत्रालय के अधीन देश की शीर्ष अनुसंधान एवं विकास संस्था है, जो पुलिस बलों के आधुनिकीकरण, प्रशिक्षण, अनुसंधान, क्षमता निर्माण तथा सुधारात्मक प्रशासन से जुड़े विषयों पर कार्य करती है। यह संस्था केंद्र और राज्यों के बीच पुलिस सुधार, नई तकनीकों के समावेशन तथा नीति निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आलोक मित्तल ने अपने तीन दशक से अधिक लंबे सेवा काल में अनेक महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। वह हरियाणा में महानिदेशक (जेल), महानिदेशक (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो), अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सीआईडी) एवं कानून-व्यवस्था जैसे अहम पदों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इसके अलावा वे हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक तथा नई दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में अतिरिक्त रेजिडेंट कमिश्नर भी रहे हैं। केंद्रीय एजेंसियों में भी उनका अनुभव उल्लेखनीय रहा है।

उन्होंने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) में आर्थिक अपराध एवं साइबर अपराध प्रकोष्ठ में पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्य किया, जबकि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) में इंस्पेक्टर जनरल के रूप में कई संवेदनशील मामलों की जांच का नेतृत्व किया। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए आलोक मित्तल को वर्ष 2009 में पुलिस पदक तथा वर्ष 2016 में राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया जा चुका है। नई जिम्मेदारी के तहत आलोक मित्तल देशभर की पुलिसिंग को आधुनिक तकनीकों से सशक्त बनाने, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), साइबर फॉरेंसिक, डेटा एनालिटिक्स जैसी उन्नत तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने, पुलिस प्रशिक्षण प्रणाली को और मजबूत करने तथा जेल सुधार संबंधी पहलों को गति देने पर विशेष ध्यान देंगे।

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