अमृतसर में सरकारी-शिक्षक की दिनदहाड़े-गला रेतकर हत्या-मामला:बेटी को ट्यूशन छोड़ घर लौट रहे थे, दूसरे-दिन भी आरोपी-फरार, पुलिस बोली-CCTV 5 जाने दिखे

अमृतसर में दिनदहाड़े बीच रोड पर सरकारी टीचर जगदीप सिंह (40) की गला काटकर हत्या करने वाले अरोपी दुसरे दिन भी फरार है। बता दे कि कल जंडियाला गुरु क्षेत्र में सरकारी शिक्षक जगदीप सिंह की दिनदहाड़े बीच सड़क पर तेजधार हथियारों से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक जगदीप सिंह, जिनकी उम्र करीब 40 वर्ष थी, पेशे से सरकारी शिक्षक थे। जानकारी के अनुसार, वह अपनी 11वीं कक्षा में पढ़ रही बेटी को जंडियाला में ट्यूशन छोड़ने के बाद स्कूटी पर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में कुछ अज्ञात हमलावरों ने उन्हें घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने जगदीप सिंह पर तेजधार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। सबसे घातक वार उनके गले पर किया गया, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हमला इतना भयावह था कि उनकी लाश सड़क पर औंधे मुंह पड़ी मिली और आसपास मांस के टुकड़े भी बिखरे हुए दिखाई दिए। हालांकि घटना को 24 घंटे का समय बीत ने वाला है, लेकिन अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस का दावा है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज में 5 लोग दिखाई दिए हैं। पुलिस ने बताया कि उनकी पहचान की जा रही है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अब पढ़िए बहन और भाभी ने कल क्या कहा… बहन बोली- सरकारें सिर्फ आश्वासन देती हैं जगदीप सिंह की बहन ने बताया कि उन्हें घटना के कारणों के बारे में कुछ नहीं पता, वे सीधे मौके पर पहुंची थीं। भाई की किसी से कोई पुरानी रंजिश या दुश्मनी नहीं थी। उन्होंने कहा कि पुलिस घटना के 2 घंटे बाद पहुंची। इसके बाद पुलिस एरिया को लेकर उलझी रही। उन्होंने कहा कि सरकारें सिर्फ आश्वासन देती हैं, पर बाद में कोई कार्रवाई नहीं होती। पंजाब का माहौल अब बेहद खतरनाक हो चुका है। परिवार में अब पत्नी, बेटी और बुजुर्ग माता रह गए हैं। भाभी बोली- फोन और पैसे छीनने की कोशिश की मृतक की भाभी रुपिंदर कौर ने कहा की देवर जगदीप सिंह अपनी बेटी को ट्यूशन छोड़कर घर लौट रहे थे। रास्ते में कुछ लुटेरों ने उन्हें रोका और उनका फोन और पैसे छीनने की कोशिश की। जब जगदीप सिंह ने इसका विरोध किया, तो लुटेरों ने उन पर हथियारों से हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। टीचर की किसी के साथ दुश्मनी नहीं थी उन्होंने कहा कि घटना का पता तब चला जब गांव के ही एक लड़के ने उन्हें रास्ते में गिरा हुआ देखा। उसने घर पर फोन किया। रुपिंदर ने कहा कि इलाके में लूटपाट की घटनाएं आम हो चुकी हैं। लोग सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

   

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