अबोहर में सड़क धंसने से सीमेंट ट्राला पलटा:ग्रामीणों ने चालक को सुरक्षित निकाला, सड़क निर्माण पर सवाल
- Neha Gupta
- Jul 03, 2026
फाजिवल्का जिले में अबोहर-संगरिया मुख्य मार्ग पर शुक्रवार दोपहर बजीतपुर भोमा और हिम्मतपुरा के बीच एक बड़ा सड़क हादसा होने से टल गया। सीमेंट के कट्टों से लदा एक ट्राला सड़क किनारे की मिट्टी धंसने के कारण असंतुलित होकर पलट गया। इस दुर्घटना में चालक को मामूली चोटें आईं, लेकिन ट्राले और उसमें लदे सीमेंट को भारी नुकसान पहुंचा है। घटनास्थल पर एकत्र हुए ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ जमकर रोष प्रकट किया। उनका कहना है कि इस स्थान पर दो तीन हादसे हो चुके हैं। उनका कहना है कि ठेकेदार द्वारा भराई न होने से सड़क अंदर से खोखली हो गई। इससे हादसे हो रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सड़क निर्माण में बरती गई इस गंभीर लापरवाही की उच्च स्तरीय जांच की जाए, जिम्मेदार ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई हो और सड़क के किनारों को तुरंत मजबूत किया जाए ताकि भविष्य में किसी की जान न जाए। ग्रामीणों ने मशक्कत के बाद चालक को सुरक्षित निकाला जानकारी के अनुसार, मलोट निवासी हरप्रीत सिंह अपने ट्राले में संगरिया से सीमेंट लेकर अमृतसर की ओर जा रहे थे। जब वह बजीतपुर भोमा और हिम्मतपुरा के बीच पहुंचे, तो सड़क किनारे की कच्ची मिट्टी अचानक नीचे धंस गई। मिट्टी धंसने से भारी-भरकम ट्राला अपना संतुलन खो बैठा और सड़क किनारे पलट गया। हादसे की आवाज सुनते ही आसपास के ग्रामीण—काला सिंह, प्रभु सिंह, सुमित कुमार, काली और राणा तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्परता दिखाते हुए काफी मशक्कत के बाद चालक हरप्रीत सिंह को केबिन से सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद उसे पास के एक पेट्रोल पंप पर ले जाकर प्राथमिक उपचार दिया गया, जहाँ से उसे बस के जरिए मलोट भेज दिया गया। ठेकेदार की लापरवाही पर उठे सवाल; 2 दिन पहले भी फंसी थी बस अधूरी भराई का आरोप: ग्रामीणों का कहना है कि एक ठेकेदार ने सड़क किनारे भूमिगत पानी की पाइपलाइन बिछाने के लिए खुदाई की थी, लेकिन बाद में मिट्टी की सही तरीके से कुटाई और भराई नहीं की गई। इसी कारण सड़क का किनारा अंदर से खोखला रह गया। लगातार हो रहे हादसे: ग्रामीणों ने खुलासा किया कि महज़ 2-3 दिन पहले भी इसी जगह से करीब 500 मीटर पीछे यात्रियों से भरी एक बस इसी तरह धंस गई थी। बार-बार हो रहे हादसों के बावजूद विभाग और ठेकेदार कुंभकर्णी नींद सोए हुए हैं।

