जोधपुर, 06 जुलाई (हि.स.)। मारवाड़ में आधुनिक उच्च शिक्षा की आधारशिला रखने वाले दूरदर्शी शासक महाराजा जसवंतसिंह (द्वितीय) की पंचधातु प्रतिमा का अनावरण सोमवार को जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के पुराने परिसर (ओल्ड कैंपस) में आयोजित एक समारोह में किया गया।
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अरविंद सिंह भाटी ने बताया कि सिक्किम के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर, राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया, भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़, पूर्व नरेश गजसिंह, विधायक बाबूसिंह राठौड़, कामाख्या के कपालिक अघोरी साधक ज्योर्तिगुरु विकास महाराज कार्यक्रम में मौजूद रहे। उन्होंने महाराजा जसवंतसिंह द्वितीय की प्रतिमा का अनावरण किया।
उन्होंने बताया कि महाराजा जसवंतसिंह द्वितीय का नाम मारवाड़ के शैक्षणिक इतिहास में विशेष सम्मान के साथ स्मरण किया जाता है। उनके संरक्षण एवं दूरदर्शी नेतृत्व में वर्ष 1893 में जसवंत कॉलेज की स्थापना हुई, जिसने क्षेत्र में आधुनिक उच्च शिक्षा के द्वार खोले। यही संस्थान आगे चलकर वर्ष 1962 में जोधपुर विश्वविद्यालय के रूप में विकसित हुआ तथा वर्ष 1992 में इसका नाम जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय रखा गया। आज विश्वविद्यालय जिस गौरवशाली शैक्षणिक परंपरा का प्रतिनिधित्व करता है, उसकी मूल प्रेरणा महाराजा जसवंतसिंह द्वितीय की शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता और प्रगतिशील दृष्टिकोण में निहित है।
विडंबना यह रही कि जिस महापुरुष की प्रेरणा से इस विश्वविद्यालयीय यात्रा का आरम्भ हुआ, उनकी प्रतिमा विश्वविद्यालय परिसर में कभी स्थापित नहीं हो सकी। स्थापना के इतने वर्ष बाद यह कमी आज दूर की गई। पंच धातु से बनी ये प्रतिमा 8.50 फीट की हाइट है। इसके साथ ही इसका वजन 350-400 तक है।

