पालघर में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, 491 परिवार स्थानांतरित
- DSS Admin
- Jul 07, 2026
मुंबई, 07 जुलाई (हि.स.)। पालघर जिले में पिछले एक सप्ताह से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश से मंगलवार को जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लगातार हो रही बारिश से बिजली कट कर दी गई, जिससे पेयजल तक उपलब्ध नहीं हो रहा है। इससे लोग चारों तरफ पीने के लिए परेशान हो रहे
हैं। उन्हें इस तरह की कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। जिला प्रशासन ने बारिश से प्रभावित 491 परिवारों को स्थानांतरित किया है। इसके साथ ही राहत और बचाव कार्य जारी है।
पालघर जिले में आज भी रुक रुक कर तेज बारिश हो रही है। हालांकि बारिश की तीव्रता कम होने के बाद भी निचले इलाकों में जलभराव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इस बारिश से मुंबई-अहमदाबाद हाइवे के साथ-साथ मुख्य रूटों पर ट्रांसपोर्ट सर्विस और रेलवे सर्विस पर भी असर पड़ा। केल्वे रोड पर 11 जानवर बह गए जबकि दूसरी जगहों पर एक कार और एक जीप बह गई। भारी बारिश के कारण केल्वे के झांजरोली में डैम ओवरफ्लो होने से डैम को खतरा हो गया है।
एहतियात के तौर पर एनडीआरएफ टीम की मदद से 286 परिवारों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित अलग-अलग इलाकों से कुल 491 लोगों को भी दूसरे प्रभावित इलाकों से सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है। इसमें वसई के चंद्रपाड़ा-वाकीपाड़ा के 195 नागरिक, कामन-भेंडीपाड़ा-मोरीगांव के 65 नागरिक, अर्नाला के 76 नागरिक, टेंभी के 56 नागरिक और वाडा तालुका के 19 नागरिक शामिल हैं। झंजरोली बांध के पश्चिमी हिस्से में बांध के पत्थर और मिट्टी बह गई है।
इस बीच, सांसद डॉ. हेमंत सावरा, ए. राजेंद्र गावित ने तुरंत इस बारे में जिला प्रशासन से संपर्क किया और उन्हें उचित कदम उठाने के निर्देश दिए। भारी बारिश की वजह से वसई और नालासोपारा के कई निचले इलाकों में जलभराव अभी भी कायम है। इसकी वजह से यहां बिजली कांट दी गई है। बिजली न होने लोगों को एक तरफ बारिश का संकट है तो दूसरी तरफ पेयजल का संकट का सामना करना पड़ रहा है। ऊंची इमारतों में बिजली न होने से लिफ्ट बंद होने की परेशानी से भी लोगों को जूझना पड़ रहा है।
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