पशु वध दिशानिर्देशों को लेकर मुर्शिदाबाद में विवाद, अधीर रंजन चौधरी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा
- DSS Admin
- May 17, 2026
कोलकाता, 17 मई (हि.स.)। वरिष्ठ कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने रविवार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को एक पत्र लिखकर राज्य सरकार के 13 मई, 2026 के “पशु वध दिशानिर्देशों” पर जारी सार्वजनिक नोटिस को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह नोटिस खासकर मुर्शिदाबाद जिले में भ्रम और अशांति का कारण बन रहा है।
अपने पत्र में चौधरी ने लिखा, “मैं यह बात आपके संज्ञान में लाने के उद्देश्य से लिख रहा हूं कि पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा 13 मई, 2026 को जारी ‘पशु वध दिशानिर्देशों’ के पालन से संबंधित सार्वजनिक नोटिस भ्रम और अशांति पैदा कर रहा है, जिसे संबोधित किए जाने की आवश्यकता है।”
मुद्दे को विस्तार से समझाते हुए कांग्रेस नेता ने लिखा, “हम सभी जानते हैं कि पश्चिम बंगाल, देश के किसी अन्य राज्य या क्षेत्र की तरह ही, अनेक समूहों और समुदायों वाला राज्य है, जो अपनी धार्मिक आस्था के आधार पर विभिन्न सांस्कृतिक परंपराओं और प्रथाओं का पालन करते हैं। मुर्शिदाबाद एक ऐसा जिला है जहां अल्पसंख्यक समुदाय जनसंख्या में बहुसंख्यक है, ऐसे में इन ‘दिशानिर्देशों’ से संबंधित नोटिस ने समुदाय में चिंता पैदा की है।”
राज्य सरकार ने बुधवार को यह अनिवार्य कर दिया था कि बैल, बछड़ा, गाय, भैंस, भैंस के बच्चे और बधिया किए गए भैंसों के वध से पहले फिट-टू-स्लॉटर प्रमाणपत्र लेना होगा। इस नोटिस में इन पशुओं के सार्वजनिक वध पर रोक लगा दी गई है और कहा गया है कि आदेश लागू करने के लिए निरीक्षण करने वाले अधिकारियों के काम में किसी प्रकार की बाधा नहीं डाली जानी चाहिए।
चौधरी ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग करते हुए लोगों के बीच इस नए दिशानिर्देश को लेकर फैले भ्रम को समाप्त करने का आग्रह भी किया। उन्होंने लिखा, “विभिन्न समुदायों के लोगों को बिना किसी गलतफहमी या समस्या के अपनी सामाजिक-धार्मिक परंपराओं का पालन करने में सक्षम बनाने के लिए, मैं सुझाव देता हूं कि विशेषकर मुर्शिदाबाद जैसे स्थानों में जिला प्रशासन उन स्थानों की पहचान और सीमांकन करे जहां लोग अपने धार्मिक विश्वास से जुड़ी परंपराओं का पालन कर सकें।”
उन्होंने आगे लिखा, “इन पहचाने और सीमांकित स्थानों का उपयोग केवल संबंधित धार्मिक समूहों से जुड़ी पारंपरिक प्रथाओं के लिए किया जाएगा। यह तरीका उस असहजता को दूर करने का एक आदर्श समाधान होगा, जो इस नोटिस के कारण विशेषकर मुर्शिदाबाद में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के बीच उत्पन्न हो रही है, जो अपनी कुछ पारंपरिक प्रथाओं का पालन करते हैं। मैं आपके हस्तक्षेप की प्रतीक्षा कर रहा हूं ताकि जिले में पैदा हो रही असहजता और भ्रम को समाप्त किया जा सके।”
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