मुख्यमंत्री 'मावां धीयां सत्कार योजना' के नाम पर साइबर ठगी की कोशिश, पंजाब पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

- फर्जी लिंक और एपीके फाइल भेजकर मोबाइल हैक करने की कोशिश

चंडीगढ़, 03 जुलाई । पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार की ओर से ‘मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना’ शुरू किए जाने के एक दिन बाद ही साइबर ठगों ने इस योजना के नाम पर लोगों, खासकर महिलाओं को निशाना बनाने की कोशिश शुरू कर दी है। प्रदेश के कई हिस्सों से लोगों ने व्हाट्सऐप संदेश और फोन कॉल मिलने की बात कही है, जिनमें योजना के लिए रजिस्ट्रेशन करवाने के नाम पर फर्जी लिंक भेजे जा रहे हैं।

इन संदेशों में दावा किया जा रहा है कि आवेदन प्रक्रिया पूरी करने और 24 घंटे के भीतर योजना की राशि प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करना जरूरी है। बताया जा रहा है कि ऐसे लिंक में एपीके फाइल या स्क्रीन-मिररिंग सॉफ्टवेयर हो सकता है, जिसके जरिए मोबाइल फोन हैक किया जा सकता है। लिंक पर क्लिक करने के बाद ठग मोबाइल में मौजूद बैंकिंग जानकारी और अन्य निजी डाटा तक पहुंच बनाकर खाते से पैसे निकाल सकते हैं।

साइबर ठगी की आशंका को देखते हुए पंजाब पुलिस ने जागरूकता अभियान शुरू किया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और अज्ञात कॉलर के साथ बैंक खाते, ओटीपी, आधार या अन्य निजी जानकारी साझा न करें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभी तक मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना के नाम पर साइबर फ्रॉड का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर जारी पोस्ट केवल लोगों को जागरूक करने के लिए एडवाइजरी के तौर पर जारी की गई है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 1 जुलाई को इस योजना की शुरुआत की थी। योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। पहले चरण में तीन महीने की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक सेवा केंद्रों या स्थानीय नगर निकाय कार्यालयों में आधार कार्ड, पंजाब वोटर आईडी, बैंक पासबुक और जरूरत पड़ने पर जाति प्रमाण पत्र के साथ आवेदन कर सकते हैं।

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