राज्य चुनाव आयोग ने 69 निर्विरोध जीते महाराष्ट्र निकाय उम्मीदवारों की जांच का दिया आदेश
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- Jan 03, 2026
मुंबई, 03 जनवरी (हि.स.)। महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग ने शनिवार को महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों में निर्विरोध चुने गए 69 उम्मीदवारों की जांच का आदेश दिया है। राज्य चुनाव आयोग ने संबंधित चुनाव अधिकारियों को जांच पूरा होने तक निर्विरोध जीते उम्मीवारों को विजयी घोषित न करने का भी आदेश दिया है।
राज्य चुनाव आयोग के सूत्रों ने आज बताया कि महाराष्ट्र की कई नगर निगमों में उम्मीदवारों पर दबाव ,प्रलोभन और धमकी देकर उनका नामांकन वापस लेने के लिए बाध्य किए जाने की कई शिकायतें मिलीं थीं। इन्हीं शिकायतों को तत्काल संज्ञान में लेते हुए राज्य चुनाव आयोग ने संंबंधित चुनाव अधिकारियों को इन आरोपों की गहन छानबीन कर, रिपोर्ट पेश करने का आदेश जारी किया गया है। साथ ही राज्य चुनाव आयोग ने संबंधित जिलाधिकारियों, पुलिस आयुक्त को इस जांच में सहयोग करने के लिए भी पत्र लिखा है।
उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों में आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 69 निर्विरोध सीटों में से 68 सीटें सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन को मिली हैं, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 44 सीटें, शिवसेना ने 22 सीटें और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने दो सीटें जीती हैं, जबकि एक इस्लामिक पार्टी से जुड़े एक निर्दलीय उम्मीदवार को भी निर्विरोध चुना गया है। निर्विरोध जीत कई नगर निगमों में केंद्रित हैं, जिनमें सबसे प्रमुख कल्याण-डोंबिवली नगर निगम है, जहां 22 उम्मीदवार बिना मुकाबले के चुने गए। अन्य निगमों में जहां कई सीटें बिना मुकाबले के हैं, उनमें जलगांव नगर निगम में 12 सीटें, ठाणे नगर निगम में सात और पनवेल, भिवंडी, धुले, पुणे, पिंपरी-चिंचवड़ और अहिल्यानगर में कम संख्या में सीटें शामिल हैं।
राज्य चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि मौजूदा चुनाव कानून के तहत, एक बार नाम वापस लेने की समय सीमा बीत जाने के बाद, नए नामांकन स्वीकार नहीं किए जा सकते हैं और न ही चुने गए उम्मीदवारों को केवल नाम वापस लेने के आधार पर अयोग्य ठहराया जा सकता है। हालांकि, अगर जांच में अधिकार के दुरुपयोग या चुनावी नियमों के उल्लंघन की बात सामने आती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक और आपराधिक कार्रवाई शुरू की जा सकती है ।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव



