फुटपाथों पर अतिक्रमण किसी का अधिकार नहीं, हाकरों के लिए लाएंगे विशेष योजना : शुभेंदु अधिकारी
- DSS Admin
- Jun 12, 2026
कोलकाता, 12 जून (हि.स.)। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को स्पष्ट शब्दों में कहा कि फुटपाथों और सार्वजनिक सड़कों पर अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि हाकरों और फुटपाथ विक्रेताओं के पुनर्वास तथा आजीविका सुरक्षा के लिए राज्य सरकार मानवीय दृष्टिकोण अपनाएगी और श्रम विभाग के माध्यम से विशेष योजनाएं लाने पर विचार कर रही है।
न्यू टाउन स्थित विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि फुटपाथ आम लोगों के चलने के लिए होते हैं और उन पर कब्जा करने का अधिकार किसी को नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी आम नागरिकों के हितों की रक्षा करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “फुटपाथों पर चलना जनता का अधिकार है। उन पर कब्जा करने का अधिकार किसी के पास नहीं है। जहां सार्वजनिक आवश्यकता नहीं है और सरकार की खाली जमीन उपलब्ध है, वहां के मामलों को मानवीय दृष्टिकोण से देखा जाएगा, लेकिन प्रमुख सड़कों और फुटपाथों पर अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जा सकता।”
राज्य में सरकार बदलने के बाद से विभिन्न इलाकों में चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियानों और बुलडोजर कार्रवाई को लेकर उठ रहे सवालों के बीच मुख्यमंत्री का यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विपक्षी दलों ने हाल के दिनों में हाकरों के भविष्य को लेकर चिंता जताई है और सरकार की कार्रवाई की आलोचना की है।
इन आलोचनाओं के जवाब में शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि सरकार किसी छोटे समूह के हितों के बजाय व्यापक जनहित को प्राथमिकता देगी। उन्होंने कहा कि कोलकाता की चौड़ी सड़कों और फुटपाथों को किसी भी व्यक्ति या समूह के हवाले करने का अधिकार उन्हें किसी ने नहीं दिया है।
उन्होंने कहा, “जहां अतिरिक्त या खाली सरकारी जमीन उपलब्ध होगी, वहां पुनर्वास की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा। लेकिन जनता के उपयोग वाली सड़कों और फुटपाथों को अवरुद्ध करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।”
हाकरों के भविष्य को लेकर आश्वस्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से भी फुटपाथ विक्रेताओं के लिए योजनाएं संचालित की जा रही हैं और राज्य सरकार भी उनके लिए विशेष योजनाएं तैयार करेगी। उन्होंने संकेत दिया कि श्रम विभाग के माध्यम से हाकरों के लिए कल्याणकारी योजनाएं लाई जा सकती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकार धीरे-धीरे हाकरों के लिए योजनाएं लेकर आएगी। यह सरकार मानवीय है और इस मुद्दे को भी मानवीय तरीके से देखा जाएगा। जहां संभव होगा, वहां सरकारी खाली या अनुपयोगी भूमि पर पुनर्वास की व्यवस्था करने का प्रयास किया जाएगा।”
हालांकि उन्होंने दोहराया कि अवैध रूप से कब्जा किए गए सार्वजनिक स्थानों को खाली कराया जाएगा और अतिक्रमण विरोधी अभियान जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि न्यू मार्केट, राजाबाजार और मेटियाब्रुज जैसे इलाकों में सड़कें इस तरह घेर ली गई हैं कि वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित होती है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।

