बंदर के हमले में घायल हुए बच्चे की उपचार के दाैरान माैत

नैनीताल, 06 जुलाई (हि.स.)। नैनीताल घूमने आए मध्य प्रदेश के एक परिवार का तीन वर्षीय बालक रविवार को होटल की बालकनी से गिर गया था। उसने नैनीताल और हल्द्वानी के बाद दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में चले उपचार के दौरान दम तोड़ गया। बंदर के कारण संतुलन बिगड़ने से बालक लगभग 20 फीट नीचे गिर गया था। नैनीताल, हल्द्वानी और दिल्ली में उपचार के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। घटना के बाद पर्यटन स्थलों पर होटलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रश्न उठने लगे हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश के झाबुआ जनपद के राणापुर निवासी सराफा व्यवसायी विशाल सोनी अपने परिवार के 22 सदस्यों के साथ एक जुलाई को नैनीताल भ्रमण पर आए थे। परिवार भवाली रोड स्थित जोखिया क्षेत्र के एक होटल में ठहरा था। रविवार प्रातः बच्चे बालकनी में खेल रहे थे। इसी दौरान तीन वर्षीय गौरांत सोनी बंदर को देखकर असंतुलित हो गया और लगभग 20 फीट नीचे गिर पड़ा। गंभीर रूप से घायल बालक को पहले बीडी पांडे जिला चिकित्सालय और फिर हल्द्वानी भेजा गया, जहां जांच में सिर और गर्दन में गंभीर चोट तथा गर्दन की हड्डी में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई।

हालत में सुधार नहीं होने पर उसे दिल्ली रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में उसकी सांसें थम गईं। बताया गया है कि दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल के चिकित्सकों ने कुछ समय के लिए उसकी धड़कनें लौटाईं, किंतु उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। परिजन पार्थिव शरीर लेकर झाबुआ रवाना हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने होटलों में बालकनी, खिड़कियों और ऊंचे स्थानों पर बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रभावी प्रबंध सुनिश्चित करने की आवश्यकता और और नैनीताल एवं आसपास बंदरों के खतरों को रेखांकित कर दिया है।

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