पौड़ी गढ़वाल, 18 मई (हि.स.)। जिला सभागार स्थित एनआईसी कक्ष में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों के संपादन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुनरीक्षण कार्यक्रम की तैयारियों, प्रशिक्षण, डेटा संकलन तथा व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि 8 जून से 7 जुलाई तक बीएलओ घर घर जाकर मतदाताओं से जानकारी एकत्र करेंगे। इससे पहले विशेष गहन पुनरीक्षण के संबंधित प्रशिक्षण, तैयारियां एवं प्रिंटिंग संबंधी सभी कार्य 7 जून तक पूरे कर लिए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यों के निष्पादन में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए तथा प्रत्येक चरण की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में नेटवर्क कनेक्टिविटी की समस्या है, वहां संबंधित ईआरओ पूर्व से कार्ययोजना तैयार कर वैकल्पिक व्यवस्थाओं के साथ कार्यों को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करें, ताकि पुनरीक्षण कार्य प्रभावित न हो। साथ ही विधानसभा स्तर पर डेटा संग्रहण के लिए अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार मीडिया, राजनीतिक दलों एवं सामाजिक संगठनों के माध्यम से किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक इसकी जानकारी पहुंच सके। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के ड्राफ्ट प्रकाशन से पूर्व मतदाताओं एवं आमजन को पुनरीक्षण प्रक्रिया की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और जनसहभागिता बढ़े। उन्होंने बताया कि बीएलओ का प्रशिक्षण 27 मई तक आयोजित किया जाना है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सुपरवाइजर नियमित रूप से फील्ड में जाकर कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करें तथा प्रगणकों द्वारा संकलित आंकड़ों का सावधानीपूर्वक सत्यापन भी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि डेटा संकलन में शुद्धता और गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, इसलिए प्रत्येक स्तर पर डेटा की जांच कराई जाए, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि या अपूर्ण जानकारी की संभावना न रहे और जनगणना कार्य पूरी विश्वसनीयता एवं गुणवत्ता के साथ संपादित हो सके। बैठक में सीडीओ अशोक जोशी, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, सहायक निर्वाचन अधिकारी शांति लाल शाह, मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेश सयाना आदि शामिल रहे।

