कुम्भ मेला की तैयारियां तेज: प्रमुख मंदिरों तक आधुनिक पैदल मार्गों के निर्माण का मेलाधिकारी ने किया निरीक्षण

हरिद्वार, 06 जुलाई (हि.स.)। कुम्भ मेला-2027 की तैयारियों को गति देते हुए मेला प्रशासन ने प्रमुख धार्मिक स्थलों तक श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए पैदल मार्गों एवं फुटपाथों के विकास कार्यों में तेजी ला दी है। सोमवार को मेलाधिकारी सोनिका ने विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान मेलाधिकारी ने भगत सिंह चौक से बिल्केश्वर महादेव मंदिर होते हुए मनसा देवी मंदिर तक जाने वाले मार्ग का जायजा लिया। उन्होंने मार्ग के चौड़ीकरण, मरम्मत, सुदृढ़ीकरण तथा निर्माणाधीन फुटपाथों की गुणवत्ता की समीक्षा करते हुए आवश्यक तकनीकी सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही मनसा देवी मंदिर तक जाने वाले मार्गों एवं सीढ़ियों का निरीक्षण कर जहां भी मरम्मत की आवश्यकता है, वहां तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

मेलाधिकारी ने आपातकालीन परिस्थितियों में श्रद्धालुओं की सुरक्षित निकासी के लिए प्रस्तावित वैकल्पिक मार्ग का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि कुम्भ जैसे विशाल आयोजन में प्रभावी भीड़ प्रबंधन और आपदा प्रबंधन के लिए वैकल्पिक निकासी मार्गों का विकास अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि वर्तमान में चल रहे पैदल मार्गों और फुटपाथों के कार्य आगामी कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले पूरे किए जाएं, ताकि श्रद्धालुओं और कांवड़ यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। जिन क्षेत्रों में कांवड़ यात्रा के दौरान निर्माण कार्य संभव नहीं है, वहां यात्रा समाप्त होते ही कार्य तत्काल शुरू किए जाएं।

इसके बाद मेलाधिकारी ने अपर रोड क्षेत्र का भ्रमण कर वहां चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की तथा गलियों के सुधार, पैदल आवागमन को सुरक्षित बनाने, सौंदर्यीकरण और नागरिक सुविधाओं के विकास में तेजी लाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, अधिशासी अभियंता प्रवीण कुमार, अधिशासी अभियंता प्रवीण कुश सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं अभियंता उपस्थित रहे।

प्रमुख विकास परियोजनाएं

कुम्भ मेला-2027 के लिए श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इनमें चंडी देवी मंदिर पहुंच मार्ग एवं तीर्थयात्री सुविधाओं के विकास पर 3.53 करोड़, मनसा देवी मंदिर (रूट-1 एवं रूट-2) के विकास पर 2.19 करोड़, हर की पैड़ी से प्रमुख मंदिरों तक पैदल-अनुकूल फुटपाथ निर्माण पर 7.84 करोड़, बंगाली मोड़ से झंडा चौक, श्रीयंत्र मंदिर और बूढ़ी माता मंदिर तक मार्ग विकास पर 3.94 करोड़, शंकराचार्य चौक, देवपुरा चौक, चन्द्राचार्य चौक एवं आर्यनगर चौक के आंतरिक मार्गों तथा गुगाल मंदिर मार्ग के नवीनीकरण पर 6.44 करोड़, शंकराचार्य चौक से कनखल थाना होते हुए देशरक्षक तिराहे तक मार्ग विकास पर 3.93 करोड़ तथा ज्वालापुर-ललताराव-चंडीघाट मार्ग के नवीनीकरण एवं फुटपाथ निर्माण पर 4.27 करोड़ व्यय किए जाएंगे।

इन परियोजनाओं के पूरा होने पर श्रद्धालुओं को चंडी देवी मंदिर, मनसा देवी मंदिर, हर की पैड़ी तथा अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों तक सुरक्षित और व्यवस्थित पैदल आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी। साथ ही कुम्भ मेला-2027 के दौरान भीड़ प्रबंधन अधिक प्रभावी होगा और हरिद्वार का आधारभूत ढांचा भी और मजबूत बनेगा।

   

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