मिशन मोड में टीबी मुक्त भारत अभियान, 333 नए मरीजों की पहचान

किशनगंज, 03 जुलाई (हि.स.)। जिले में 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान को जिला प्रशासन ने मिशन मोड में संचालित करना शुरू कर दिया है।

जिलाधिकारी नवीन कुमार के निर्देश पर टीबी की स्क्रीनिंग, जांच, उपचार और निगरानी को लेकर सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय तेज कर दिया गया है।

जिला स्तर के अधिकारियों को प्रखंडवार जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि आरबीएसके टीम, आशा कार्यकर्ता, आयुष्मान आरोग्य मंदिर और सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को प्रतिदिन निर्धारित लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है।

सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने बताया कि टीबी का समय पर इलाज और दवा का पूरा कोर्स पूरा करना बेहद जरूरी है। बीच में उपचार छोड़ने से मल्टी ड्रग रेसिस्टेंट (एमडीआर) टीबी का खतरा बढ़ जाता है, जिसका इलाज लंबा और जटिल होता है। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल मरीजों की पहचान करना नहीं, बल्कि प्रत्येक संदिग्ध व्यक्ति की समय पर जांच और पूर्ण उपचार सुनिश्चित करना है।

जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. मुनाजिम ने बताया कि अभियान की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है। शिक्षा, जीविका और पंचायत राज विभाग के सहयोग से इसे जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा रहा है। आरबीएसके की प्रत्येक टीम को रोजाना 100 लोगों की स्क्रीनिंग तथा आशा कार्यकर्ताओं को 15 संभावित मरीजों को जांच के लिए स्वास्थ्य केंद्र भेजने का लक्ष्य दिया गया है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अभियान के दौरान अब तक 17,920 लोगों की स्क्रीनिंग में 333 नए टीबी मरीजों की पहचान हुई है। वहीं जिले में 24,130 लोगों की जांच पूरी की जा चुकी है। एक जनवरी 2026 से अब तक कुल 906 टीबी मरीज मिले हैं, जिनमें 620 मरीज किशनगंज शहरी क्षेत्र के हैं। दूरदराज के गांवों में पोर्टेबल डिजिटल एक्स-रे मशीन से जांच की जा रही है। उपचाराधीन मरीजों को निक्षय पोषण योजना के तहत आर्थिक सहायता और निक्षय मित्रों के माध्यम से पोषण पोटली उपलब्ध कराई जा रही है।

डीएम नवीन कुमार ने दो सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार या वजन कम होने जैसे लक्षण दिखने पर तत्काल सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में निःशुल्क जांच कराने और पूरा उपचार लेने की अपील की है।

   

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