अजमेर दरगाह स्थित बाबा फरीद का चिल्ला 20 से 23 या 24 जून तक खुलेगा

अजमेर, 10 जून (हि.स.)। अजमेर दरगाह में मोहर्रम की तैयारियां शुरू हो गई हैं। चांद दिखने की स्थिति में मोहर्रम माह का आगाज 17 या 18 जून से होगा। दरगाह कमेटी ने संभावित चांद की तारीखों को ध्यान में रखते हुए मोहर्रम के धार्मिक कार्यक्रम जारी किए हैं। इस्लामिक कैलेंडर के जिलहिज माह की 29वीं तारीख 16 जून को चांद रात रहेगी। हिलाल कमेटी द्वारा चांद दिखाई देने की घोषणा के बाद मोहर्रम की रस्में प्रारंभ होंगी। इसी दिन हजरत इमाम हुसैन की चौकी की धुलाई की परंपरागत रस्म अदा की जाएगी तथा दरगाह में कव्वालियों का सिलसिला अस्थायी रूप से बंद हो जाएगा।

मोहर्रम माह की 4 से 7 तारीख के बीच, संभावित रूप से 20 से 23 या 24 जून तक दरगाह परिसर स्थित बाबा फरीद का चिल्ला श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा। पाकिस्तान के पाकपटन स्थित बाबा फरीद की दरगाह में भी इन्हीं दिनों उर्स आयोजित होता है। मोहर्रम के दौरान दरगाह में बयान-ए-शहादत, अलम का जुलूस, महाना छठी, सद्दों का जुलूस, मेहंदी की रस्म, ताजिए की सवारी तथा नंगी तलवारों से हाईदौज खेलने जैसी पारंपरिक धार्मिक रस्में निभाई जाएंगी। इस अवधि में दरगाह क्षेत्र पूरी रात रोशनियों और धार्मिक गतिविधियों से गुलजार रहेगा। देशभर से जायरीन की बढ़ती संख्या को देखते हुए दरगाह कमेटी और अंजुमन की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। वहीं जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं।

उल्लेखनीय है कि हाईदौज की परंपरा विशेष रूप से अजमेर दरगाह से जुड़ी मानी जाती है, जिसके लिए पुलिस प्रशासन नियमानुसार मालखाने से तलवारें जारी करता है तथा पूरे आयोजन के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रखी जाती है।

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