जल संसाधन योजनाओं की समीक्षा में डीएम सख्त, बंद नलकूप जल्द चालू कराने के निर्देश

देवरिया, 02 जुलाई (हि.स.)। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जल संसाधन से जुड़े विभागों की समीक्षा बैठक कर विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने किसानों को सिंचाई में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए विद्युत दोष या तकनीकी खराबी के कारण बंद पड़े नलकूपों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द चालू कराने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के तहत अधिकाधिक निजी नलकूप स्थापित कराने पर जोर दिया।

बैठक में जल निगम (ग्रामीण एवं शहरी), बाढ़ खंड, सिंचाई, नलकूप और लघु सिंचाई विभाग के कार्यों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधीक्षण अभियंता विद्युत को निर्देश दिए कि खराब या बंद नलकूपों की मरम्मत तत्काल कराई जाए। वहीं, बाढ़ एवं सिंचाई विभाग को ड्रेनों की सफाई तथा जल निगम को पाइपलाइन बिछाने के बाद क्षतिग्रस्त सड़कों की अस्थायी मरम्मत कर 10 जुलाई तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

समीक्षा में बताया गया कि जिले में कुल 56 ड्रेन हैं। इनमें 16 ड्रेनों की सफाई इस वर्ष तथा 22 की सफाई पिछले वर्ष कराई गई है। इस पर जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को ड्रेनों के सर्वे कार्य की निगरानी करने तथा अधिशासी अभियंता सिंचाई को साफ कराई गई ड्रेनों की विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जल निगम को सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा करने और भूजल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।

बैठक में मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत किसान miup.in पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर निजी नलकूप की स्थापना का लाभ ले सकते हैं। पिछले वर्ष 1,200 आवेदन प्राप्त हुए थे, जबकि इस वर्ष अब तक 200 आवेदन मिल चुके हैं। जिलाधिकारी ने अधिक से अधिक किसानों को योजना से जोड़ने के निर्देश दिए, ताकि सिंचाई सुविधाओं का विस्तार हो सके। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह सहित जल संसाधन से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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