कानपुर : इलाज में लापरवाही का आरोप, आईटीबीपी कांस्टेबल मां के कटे हाथ के साथ पहुंचे पुलिस कमिश्नर कार्यालय

कानपुर, 19 मई (हि.स.)। मेरी मां को सांस लेने में परेशानी हो रही थी, लेकिन इलाज के दौरान लापरवाही हुई और समय पर सही उपचार नहीं मिला, जिसके कारण स्थिति बिगड़ती चली गई और हाथ काटना पड़ा, हमें न्याय चाहिए। यह बातें आईटीबीपी कांस्टेबल विकास सिंह ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराते हुए कही।

मूल रूप से फतेहपुर जनपद के रहने वाले विकास सिंह इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी) की 32वीं बटालियन में कांस्टेबल के पद पर तैनात हैं और वर्तमान में उनकी पोस्टिंग महाराजपुर क्षेत्र में है। वे मंगलवार को सिविल लाइंस स्थित पुलिस कमिश्नर कार्यालय अपनी मां के कटे हुए हाथ के साथ पहुंचे, जिससे परिसर में हड़कम्प मच गया।

विकास सिंह ने बताया कि उनकी मां निर्मला देवी को सांस लेने में परेशानी हो रही थी, जिसके चलते 13 तारीख को उन्हें टाटमिल स्थित कृष्णा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उनके दाहिने हाथ में सूजन आने लगी। अस्पताल प्रबंधन ने इसे सामान्य प्रक्रिया बताते हुए कहा कि ग्लूकोज चढ़ाने के कारण ऐसा हो सकता है और स्थिति ठीक हो जाएगी।

उन्होंने बताया कि अगले दिन तक हाथ की स्थिति और बिगड़ गई और वह काला पड़ने लगा। इसके बाद वह स्वयं 14 तारीख को मां को बिठूर स्थित पारस हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद बताया कि हाथ में संक्रमण फैल चुका है और स्थिति गंभीर होने के कारण हाथ काटना पड़ेगा।

विकास सिंह ने आरोप लगाया कि शुरुआती इलाज के दौरान स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया गया और समय पर उचित जानकारी व उपचार नहीं दिया गया, जिससे हालत लगातार बिगड़ती चली गई। उन्होंने बताया कि वे लगातार डॉक्टरों और सम्बंधित अधिकारियों से संपर्क करते रहे, लेकिन कहीं से भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद वे मां के कटे हुए हाथ को थर्माकोल के डिब्बे में रखकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे और न्याय की गुहार लगाई। इस दौरान कार्यालय में इंसानी हाथ लाए जाने की घटना से हड़कम्प मच गया और लोग स्तब्ध रह गए। मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए हैं।

सहायक पुलिस आयुक्त (स्टाफ ऑफिसर) अमरनाथ ने बताया कि डीसीपी पूर्वी के निर्देश पर सीएमओ कानपुर नगर को कृष्णा हॉस्पिटल और पारस हॉस्पिटल दोनों की भूमिका की जांच के लिए पत्राचार किया गया है। इसके साथ ही फोरेंसिक जांच के भी निर्देश दिए गए हैं तथा सभी चिकित्सीय दस्तावेजों की जांच की जा रही है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त जांच जारी है।

   

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