दस प्रतिशत आरक्षण की मांग पर बवाल: महापड़ाव के बाद पुलिस-प्रदर्शनकारियों में पथराव—लाठीचार्ज और आंसू गैस
- DSS Admin
- Jul 01, 2026

जयपुर, 01 जुलाई (हि.स.)। घुमंतू एवं अर्धघुमंतू जातियों को 10 प्रतिशत आरक्षण सहित 11 सूत्री मांगों को लेकर बुधवार को जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में आयोजित महापड़ाव के बाद राजधानी में हिंसक झड़प हो गई। महापड़ाव समाप्त होने के बाद प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने की घोषणा की। पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने पर स्थिति अचानक बिगड़ गई और प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। जवाब में पुलिस ने लाठीचार्ज किया तथा भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। दोनों पक्षों के बीच करीब 20 मिनट तक पथराव और झड़प चलती रही।
घटना में पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों सहित 12 से अधिक लोग घायल हो गए, जबकि पुलिस कार्रवाई में कुछ प्रदर्शनकारी भी चोटिल हुए। स्थिति पर नियंत्रण के लिए भारी पुलिस बल के साथ एसटीएफ का अतिरिक्त जाब्ता भी मौके पर तैनात किया गया। पुलिस ने करीब 50 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। घुमंतू और अर्धघुमंतू समाज के लोग 10 प्रतिशत आरक्षण, स्थायी आवास के पट्टे और अन्य मांगों को लेकर विद्याधर नगर स्टेडियम में महापड़ाव कर रहे थे। महापड़ाव समाप्त होने के बाद शाम करीब छह बजे बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने लगे।
पुलिस ने पहले से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम करते हुए बैरिकेडिंग कर रखी थी। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स पार करने और उन्हें हटाने का प्रयास किया। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और आसपास के स्थानीय लोगों पर पथराव शुरू कर दिया। हालात बेकाबू होते देख पुलिस और एसटीएफ के जवानों ने लाठीचार्ज किया तथा कई आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को तितर-बितर किया। करीब 20 मिनट तक दोनों ओर से तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
पथराव में कई पुलिसकर्मियों को हल्की चोटें आईं। वहीं पुलिस कार्रवाई में कुछ प्रदर्शनकारी भी घायल हुए। स्थिति नियंत्रण में आने के बाद पूरे क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल और एसटीएफ की तैनाती कर दी गई।
अचानक हुई हिंसा से विद्याधर नगर क्षेत्र में रहने वाले लोग भी दहशत में आ गए। बड़ी संख्या में लोग अपने घरों की छतों और बालकनियों से पूरे घटनाक्रम को देखते रहे। पुलिस ने क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाते हुए लोगों से घरों के भीतर रहने की अपील की।
महापड़ाव से पहले समाज के प्रतिनिधिमंडल की सरकार के साथ वार्ता हुई थी। सरकार की ओर से वरिष्ठ आईएएस अधिकारी कुलदीप रांका ने प्रतिनिधियों से बातचीत की, लेकिन वार्ता किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी। इसके बाद आंदोलनकारी मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने पर अड़ गए।
पुलिस उपायुक्त (उत्तर) करण शर्मा ने बताया कि प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल की सरकार के उच्च स्तर पर मुलाकात करवाई गई थी और बातचीत सकारात्मक रही थी। इसके बावजूद कुछ लोग अचानक उग्र हो गए। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने लगाए गए बैरिकेड्स तोड़ने का प्रयास किया तथा कुछ स्थानीय लोगों के साथ अभद्र व्यवहार किया। रोकने पर उन्होंने पुलिस और स्थानीय लोगों पर पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद हल्का लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ा गया। डीसीपी ने बताया कि करीब 50 लोगों को हिरासत में लिया गया है तथा उपद्रवियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने पर विचार किया जा रहा है।
घुमंतू एवं अर्धघुमंतू जातियों के प्रदेशाध्यक्ष रतननाथ कालबेलिया ने कहा कि उनकी प्रमुख मांग घुमंतू एवं अर्धघुमंतू जातियों को 10 प्रतिशत आरक्षण देना है। इसके अलावा जहां समाज के लोग वर्षों से निवास कर रहे हैं, वहां स्थायी आवास के पट्टे दिए जाएं तथा जातियों के नाम के आगे दर्ज विसंगतियों को दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि इन 11 सूत्री मांगों को लेकर समाज पिछले दो वर्षों से आंदोलन कर रहा है। यदि सरकार मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
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