नई दिल्ली, 05 जुलाई (हि.स.)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत कई नेताओं ने पंडवानी लोक गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित तीजन बाई के निधन पर शोक जताया है।
राष्ट्रपति मुर्मु ने एक्स पर लिखा, पंडवानी कलाकार तीजन बाई जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। उन्होंने अपनी सशक्त आवाज, प्रभावशाली उपस्थिति और अनोखी प्रस्तुति से महाभारत की कथाओं को मंच पर जीवंत किया। अपनी विलक्षण प्रतिभा, समर्पण और वर्षों की साधना से उन्होंने छत्तीसगढ़ की समृद्ध पंडवानी परंपरा को देश-विदेश में पहचान दिलाई। भारतीय सांस्कृतिक विरासत का प्रसार करने में उनका अमूल्य योगदान स्मरणीय रहेगा। मैं उनके प्रियजनों और प्रशंसकों के प्रति गहन संवेदनाएं व्यक्त करती हूं।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि तीजन बाई के जाने से भारतीय लोक कला, संस्कृति और संगीत की दुनिया ने एक अमूल्य रत्न खो दिया है। तीजन बाई ने अपनी अनूठी शैली, सशक्त अभिव्यक्ति और जीवंत प्रस्तुतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की पारंपरिक पांडवानी गायन शैली को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। उनका पूरा जीवन लोक परंपराओं के संरक्षण, संवर्धन और उन्हें अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए समर्पित रहा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पंडवानी गायिका तीजन बाई ने छत्तीसगढ़ की इस लोक कला को अपनी भव्य प्रस्तुति से दुनियाभर में एक विशिष्ट पहचान दिलाई। उनका जाना कला एवं संस्कृति जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति!
केन्द्रीय गृह एवं सहकारितामंत्री अमित शाह ने कहा कि तीजन बाई ने अपनी अद्वितीय प्रतिभा और समर्पण से पंडवानी लोककला को विशिष्ट पहचान दिलाई। छत्तीसगढ़ की इस लोककला के संवर्धन में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि तीजन बाई ने अपनी आवाज से पंडवानी लोक कला को पहचान दिलाई। उनका जाना देश की कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति और शोकाकुल परिवार को संबल प्रदान करें। ॐ शांति।
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