खरीफ सीजन से पहले प्रशासन अलर्ट, खाद-बीज की उपलब्धता पर कड़ी निगरानी
- DSS Admin
- Jun 01, 2026
किसानों को समय पर मिलेगा उर्वरक, कालाबाजारी रोकने उड़नदस्ता दल सक्रिय
धमतरी, 01 जून (हि.स.)। खरीफ सीजन की तैयारियों के बीच जिला प्रशासन ने किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। प्रशासन और कृषि विभाग ने जिलेभर में उर्वरकों एवं बीजों के भंडारण, वितरण और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करते हुए यह सुनिश्चित करने की पहल की है कि खेती के महत्वपूर्ण समय में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
जिले की सहकारी समितियों और निजी विक्रेताओं के माध्यम से खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। कृषि विभाग के अनुसार जिले की 96 सहकारी समितियों में 7,313 क्विंटल बीज का भंडारण किया जा चुका है, जबकि सहकारी और निजी क्षेत्र में कुल 28,241 मीट्रिक टन उर्वरक किसानों के लिए उपलब्ध है। यूरिया, डीएपी सहित अन्य आवश्यक उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और मांग के अनुरूप लगातार आपूर्ति की जा रही है।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि कृषि जिले की अर्थव्यवस्था की आधारशिला है और किसानों के हितों की रक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद-बीज समय पर उपलब्ध कराने, पारदर्शी वितरण व्यवस्था बनाए रखने और कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।
खाद-बीज वितरण में किसी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं। सहकारी समितियों और निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। उर्वरकों एवं बीजों की कालाबाजारी, जमाखोरी और नकली उत्पादों की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए जिलास्तर पर विशेष जांच दल (उड़नदस्ता) गठित किए गए हैं, जो लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों और संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। किसानों को अपने नजदीकी क्षेत्रों में ही आवश्यक कृषि आदान उपलब्ध हो सके। इसके लिए सहकारी समितियों के साथ निजी विक्रेताओं को भी पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई गई है, ताकि किसानों को अनावश्यक दूरी तय न करनी पड़े।
संभावित आपूर्ति चुनौतियों को देखते हुए कृषि विभाग नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे आधुनिक विकल्पों के उपयोग को भी बढ़ावा दे रहा है। वहीं टिकाऊ कृषि को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मूंग और ढैंचा के बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। किसानों को गोबर खाद, वर्मी कम्पोस्ट और नील हरित काई के उपयोग के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।
अधिकृत विक्रय केंद्रों से ही खाद-बीज खरीदें
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत विक्रय केंद्रों से ही खाद-बीज खरीदें तथा किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, अधिक मूल्य वसूली या अनियमितता की जानकारी तत्काल विभाग को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खरीफ सीजन के दौरान खाद-बीज की उपलब्धता, गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाएगी तथा प्रत्येक किसान तक समय पर आवश्यक कृषि सामग्री पहुंचाना प्राथमिक लक्ष्य रहेगा।

