सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए जागरूकता और टीकाकरण बेहद जरूरी : प्रो. विनय कुमार पाठक
- DSS Admin
- Jun 04, 2026
कानपुर, 04 जून (हि.स.)। सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाली गंभीर बीमारियों में से एक है और इसकी रोकथाम के लिए समय पर टीकाकरण सबसे प्रभावी उपाय है। किशोरियों को इस बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए जागरूकता बढ़ाने और टीकाकरण को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। यह बातें गुरुवार को सीएसजेएमयू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने विश्वविद्यालय द्वारा चलाए जा रहे विशेष टीकाकरण अभियान के संबंध में कही।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में 41वें दीक्षांत समारोह के अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा तथा कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के प्रयासों से जिला स्वास्थ्य समिति, कानपुर के सहयोग से सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु किशोरियों के लिए निःशुल्क टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा।
अभियान के तहत 14 वर्ष आयु वर्ग की उन बालिकाओं का निःशुल्क टीकाकरण किया जाएगा, जिनका 14वां जन्मदिन पूरा हो चुका है और 15वां जन्मदिन अभी नहीं हुआ है। यह टीकाकरण नौ और 10 जुलाई 2026 को विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित किया जाएगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी बेटियों का पंजीकरण निर्धारित गूगल फॉर्म के माध्यम से कराएं। अभियान से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए डॉ. प्रवीन कटियार से संपर्क किया जा सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा में होने वाला कैंसर है, जिसका प्रमुख कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) संक्रमण माना जाता है। शुरुआती चरण में इसकी पहचान हो जाए तो इसका सफल इलाज संभव है। भारत में यह महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे सामान्य कैंसर है। हर वर्ष देश में इसके लगभग 1.24 लाख नए मामले सामने आते हैं और प्रतिदिन करीब 200 महिलाओं की मौत इस बीमारी के कारण होती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि एचपीवी वैक्सीन और नियमित स्क्रीनिंग इस बीमारी से बचाव के सबसे प्रभावी उपाय हैं। 9 से 14 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों को वैक्सीन की दो खुराक दी जाती हैं, जबकि 15 वर्ष या उससे अधिक आयु की लड़कियों और महिलाओं को तीन खुराक दी जाती हैं। विश्वविद्यालय और जिला स्वास्थ्य समिति का उद्देश्य अधिक से अधिक किशोरियों को इस अभियान से जोड़कर उन्हें भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे से सुरक्षित करना है।

