सीआईडी के समक्ष पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं हुए अभिषेक बनर्जी, स्वास्थ्य कारणों का दिया हवाला

कोलकाता, 01 जून (हि. स.)। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी सोमवार को सीआईडी के समन के बावजूद पूछताछ के लिए भवानी भवन नहीं पहुंचे। पार्टी और पुलिस सूत्रों के अनुसार, अभिषेक ने सीआईडी को पत्र भेजकर खराब स्वास्थ्य की वजह से उपस्थित नहीं होने की बात कही है। उन्हें हस्ताक्षर विवाद से जुड़े मामले में सोमवार दोपहर 12 बजे भवानी भवन स्थित सीआईडी मुख्यालय में तलब किया गया था।

अभिषेक के करीबी सूत्रों का दावा है कि वह अभी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। बताया गया है कि उनके दाहिने जबड़े, गर्दन और सीने के आसपास दर्द बना हुआ है, जिसके कारण उन्होंने जांच अधिकारियों के समक्ष उपस्थित होने में असमर्थता जताई है। फिलहाल वह अपने आवास पर ही आराम कर रहे हैं।

गौरतलब है कि शनिवार को चुनाव बाद हिंसा से प्रभावित लोगों से मिलने के दौरान अभिषेक बनर्जी स्वयं भी एक हमले का शिकार हो गए थे। घटना के बाद उन्हें पहले ईएम बाइपास स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया था। बाद में वहां उचित उपचार नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए उन्हें मिंटो पार्क स्थित दूसरे निजी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। चिकित्सकों ने जांच के बाद कहा था कि उनकी स्थिति अस्पताल में भर्ती किए जाने जैसी गंभीर नहीं है और उन्हें घर पर आराम करने की सलाह दी गई थी।

यह पूरा मामला विधानसभा में विपक्ष के नेता, उपनेता और मुख्य सचेतक की नियुक्ति से जुड़े कथित हस्ताक्षर विवाद से संबंधित है। विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद 06 मई को ममता बनर्जी ने कालीघाट स्थित अपने आवास पर निर्वाचित विधायकों की बैठक बुलाई थी। बैठक में विधायकों ने प्रस्ताव पारित कर विपक्ष के नेता, उपनेता और मुख्य सचेतक के चयन का अधिकार पार्टी नेतृत्व को सौंप दिया था।

इसके बाद तृणमूल कांग्रेस की ओर से शोभनदेव चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता, नयना बंद्योपाध्याय और असीमा पात्र को उपनेता तथा फिरहाद हाकिम को मुख्य सचेतक नियुक्त किए जाने की जानकारी दी गई। इस संबंध में पार्टी की ओर से अभिषेक बनर्जी के हस्ताक्षरयुक्त एक पत्र विधानसभा को भेजा गया था, लेकिन उसे स्वीकार नहीं किया गया।

इसी हस्ताक्षर संबंधी विवाद की जांच के सिलसिले में सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी को पूछताछ के लिए तलब किया था। अब उनके अनुपस्थित रहने और स्वास्थ्य कारणों का हवाला देने के बाद जांच एजेंसी के अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

   

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