विश्व पर्यावरण दिवस पर अजमेर में कई सरकारी व निजी संस्थानों ने किए पौधारपण

Several government and private institutions planted trees in Ajmer on World Environment Day.Several government and private institutions planted trees in Ajmer on World Environment Day.

अजमेर, 05 जून (हि.स.)। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर के पर्यावरण विज्ञान विभाग (सेंटर फॉर एक्सीलेंस) एवं वनस्पति विज्ञान विभाग द्वारा भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून के सहयोग तथा राजस्थान राज्य जैव विविधता बोर्ड, राजस्थान सरकार के प्रायोजन में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन तथा सतत विकास के प्रति विद्यार्थियों एवं समाज में जागरूकता उत्पन्न करना था।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है तथा प्रकृति और मानव के मध्य संतुलन बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने “महर्षि पराशर की पर्यावरणीय प्रज्ञा का अन्वेषण” विषय पर आयोजित संगोष्ठी का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में निहित पर्यावरणीय दृष्टिकोण आज भी अत्यंत प्रासंगिक है। महर्षि पराशर के विचार प्रकृति, जैव विविधता एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति गहन संवेदनशीलता को दर्शाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों का आह्वान किया कि वे पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान के समन्वय के माध्यम से सतत विकास के नए आयाम विकसित करें।

कार्यक्रम के अंतर्गत “महर्षि पराशर की पर्यावरणीय प्रज्ञा का अन्वेषण” विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा में निहित पर्यावरणीय सिद्धांतों एवं उनकी समकालीन प्रासंगिकता पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्य वक्ता के रूप में प्रख्यात सूक्ष्मजीव विज्ञानी एवं पर्यावरणविद् प्रो. आशीष भटनागर, पूर्व विभागाध्यक्ष, सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग, ने “पारिस्थितिक पदचिह्न विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि बढ़ती उपभोग प्रवृत्तियाँ, प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन तथा अपशिष्ट उत्पादन पृथ्वी के पारिस्थितिक संतुलन पर गंभीर प्रभाव डाल रहे हैं। उन्होंने संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग, कार्बन उत्सर्जन में कमी तथा पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही प्रतिभागियों को अपने व्यक्तिगत पारिस्थितिक पदचिह्न को समझने एवं उसे कम करने हेतु व्यवहारिक कदम उठाने के लिए प्रेरित किया।

प्रो. सुब्रतो दत्ता, अध्यक्ष, पर्यावरण विज्ञान विभाग (सेंटर फॉर एक्सीलेंस), ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए विश्व पर्यावरण दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान केवल जागरूकता से नहीं, बल्कि सामूहिक सहभागिता एवं सतत प्रयासों से संभव है। उन्होंने विभाग द्वारा पर्यावरण शिक्षा, अनुसंधान एवं जन-जागरूकता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी भी दी।

प्रो. अरविंद पारीक, अध्यक्ष, वनस्पति विज्ञान विभाग, ने अपने संबोधन में महर्षि पराशर के वैज्ञानिक एवं पर्यावरणीय योगदानों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने वनस्पतियों, कृषि एवं पारिस्थितिक प्रक्रियाओं के संबंध में महत्वपूर्ण अवलोकन प्रस्तुत किए थे, जो आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने जैव विविधता संरक्षण, सतत कृषि एवं पारिस्थितिकी तंत्र प्रबंधन में भारतीय पारंपरिक ज्ञान की उपयोगिता पर बल देते हुए विद्यार्थियों को इस दिशा में अनुसंधान के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर पर्यावरण एवं जैव विविधता विषयक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय के 27 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता के विजेताओं में सौरभ जुनावा, वंशिका खीची, राहुल सिंगारिया, हिमांशु बाकोलिया एवं रूबी मलिक शामिल रहे।

कार्यक्रम के अंतर्गत एक पौधारोपण अभियान भी आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने रोहिड़ा के पौधे लगाए। रोहिड़ा राजस्थान का राजकीय पुष्प है तथा मरुस्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पौधारोपण गतिविधि के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण एवं जैव विविधता संवर्धन का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम में प्रो. प्रवीण माथुर, प्रो. ऋतु माथुर, प्रो. सुभाष चंद्र एवं प्रो. शिव प्रसाद सहित विश्वविद्यालय के शोधार्थी, शिक्षकगण, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन तथा सतत विकास के लिए सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।

पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश........

उत्तर पश्चिम रेलवे के अजमेर मंडल पर विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों और गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस दौरान रेल अधिकारियों और कर्मचारियों ने पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित रखने का संकल्प लिया।

मंडल रेल प्रबंधक राजू भूतड़ा एवं महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा श्रीमती रिंकल भूतड़ा ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक विकास बूरा, वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजिनियर मनोज मीणा सहित मंडल के अन्य वरिष्ठ रेल अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी सामूहिक रूप से पौधे लगाए। पर्यावरण संरक्षण थीम पर आधारित विशेष सेल्फी पॉइंट पर फोटो क्लिक कर पर्यावरण संरक्षण हेतु जागरूक किया गया। प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के लिए राजू भूतड़ा और श्रीमती रिंकल भूतड़ा ने रेल अधिकारियों व कर्मचारियों को जूट के बैग वितरित किए। ब्यावर रेलवे स्टेशन और रेल कॉलोनी परिसर में सघन पौधारोपण किया गया। यहाँ भी यात्रियों और कर्मचारियों को जागरूक करने के लिए पैंफलेट और जूट के बैग दिए गए। उदयपुरसिटी रेलवे स्टेशन पर आने-जाने वाले यात्रियों को जूट के बैग बांटे गए ताकि वे पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दे सकें। यात्रियों में जागरूकता बढ़ाने के लिए पर्यावरण सुरक्षा से जुड़े पंपलेट बांटे गए। इसके साथ ही यात्रियों और सफाई कर्मचारियों को पर्यावरण को स्वच्छ रखने की सामूहिक शपथ दिलाई गई। स्टेशन पर बने पर्यावरण सेल्फी पॉइंट पर यात्रियों को सेल्फी लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया। मंडल के मारवाड़ जं, भीलवाडा, मावली जं., डूंगरपुर सहित अन्य स्टेशनों पर भी पर्यावरण दिवस के अवसर पर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया।

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