बिहार के अररिया में 7.32 करोड़ की लागत से बना झमटा-महिशाकोल पुल तीन साल में ही धंसा
- DSS Admin
- May 22, 2026

अररिया 22 मई(हि.स.)। बिहार में अररिया जिला मुख्यालय को दर्जनों पंचायतों और प्रखंड मुख्यालय से जोड़ने वाला परमान नदी पर बना झमटा-महिशाकोल पुल का पाया महज तीन सालों में ही धंसने लगा है। 7.32 करोड़ रूपये की लागत से 206.72 लंबा इस पुल का निर्माण मई 2022 में पूरा हुआ था। लेकिन तीन साल के भीतर ही पुल का पाया के धंसने और रेलिंग में दरार पड़ने के कारण संरचना में कई स्थानों पर कमजोरी आने पर पुल निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा होने लगा है और यह पुल कभी भी हादसों का गवाह बन सकता है।
मामले को लेकर जिला पार्षद सबा फैसल ने डीएम विनोद दूहन ने मुलाकात कर आवेदन सौंप तकनीकी जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।सामाजिक कार्यकर्ता फैसल जावेद यासीन ने भी डीएम से मिलकर पूरे मामले से अवगत कराया। महज तीन साल में ही पुल के पाया धंसने से इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठने लगा है। पुल निर्माण के समय भी कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठा था और कई बार फैसल जावेद यासीन ने जिला प्रशासन से इसकी शिकायत की थी और ग्रामीणों ने काम रोकवा दिया था।
बावजूद इन सबके शिकायतों को नजरअंदाज कर आनन फानन में संवेदक और निर्माण एजेंसी प्रकाश कंस्ट्रक्शन के द्वारा काम पूरा कर पुल को जिला प्रशासन को 2022 मई में सौंप दिया गया था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुल निर्माण में भारी गड़बड़ी के साथ घटिया सामग्री का उपयोग किया गया था।फलस्वरूप आज महज तीन साल के भीतर ही पुल का पाया धंसने के साथ रेलिंग में दरारें और कई स्थानों पर संरचना कमजोर होती जा रही है।
सामाजिक कार्यकर्ता फैसल जावेद यासीन ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पुल की तत्काल उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाय।साथ ही निर्माण कार्य में अनियमितता बरतने वाले निर्माण एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाय,ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।

