नई दिल्ली में शुरू हुआ सेना के कमांडरों का सम्मेलन, उभरती चुनौतियों पर होगी चर्चा
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- Apr 01, 2025

- पहले दिन सेना के कमांडरों ने अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में हिस्सा लिया
नई दिल्ली, 01 अप्रैल (हि.स.)। भारतीय सेना के कमांडरों का सम्मेलन मंगलवार से नई दिल्ली में शुरू हुआ, जो 04 अप्रैल तक चलेगा। सम्मेलन में समग्र सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करने के साथ ही उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए प्रमुख परिचालन प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा। पहले दिन सेना के कमांडरों ने अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में हिस्सा लिया। इस दौरान किसी एक सत्र की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे और मुख्य भाषण देंगे। इस सत्र में भारतीय सेना में 'सुधारों के वर्ष' पर एक प्रस्तुति दी जाएगी।
सेना ने एक बयान में कहा है कि भारतीय सेना के कमांडरों का यह शीर्ष-स्तरीय कार्यक्रम है। यह वैचारिक स्तर के विचार-विमर्श के लिए एक संस्थागत मंच है। यह विचार-विमर्श भारतीय सेना के लिए महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लेने में मददगार होता है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान सेना के वरिष्ठ नेतृत्व को संबोधित करेंगे। सम्मेलन में नीति आयोग के सीईओ 'सक्षम एवं सशक्त भारत' के निर्माण में सशस्त्र बलों की परिकल्पित भूमिका पर व्याख्यान देंगे।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार भारतीय सेना को चुस्त-दुरुस्त बनाने, तकनीकी रूप से सक्षम और भविष्य के लिए तैयार सेना के लक्ष्य के अनुरूप वरिष्ठ पदानुक्रम प्रभावी निर्णय लेने के लिए नई पद्धतियों की शुरुआत के लिए विशेषज्ञों के साथ गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके अलावा फील्ड आर्मी की प्रक्रियाओं को आसान बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जाना है, ताकि उन्हें अधिक स्थायी और उत्तरदायी बनाया जा सके। सम्मेलन में सैनिकों और उनके परिवारों के जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से कर्मियों के कल्याण संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी।
रक्षा मंत्रालय ने मौजूदा और भविष्य के सुधारों को गति देने के लिए 2025 को 'सुधारों का वर्ष' के रूप में मनाने का फैसला लिया है। इसका उद्देश्य सशस्त्र बलों को बहुक्षेत्रीय एकीकृत संचालन में सक्षम तकनीकी रूप से उन्नत युद्ध-तैयार बल में बदलना होगा। यह वर्ष रक्षा तैयारियों में अभूतपूर्व प्रगति की नींव रखने के साथ ही 21वीं सदी की चुनौतियों के बीच भारत की सुरक्षा और संप्रभुता सुनिश्चित करेगा। इसलिए कमांडरों के इस सम्मेलन में एक प्रस्तुति के जरिए साइबर और अंतरिक्ष जैसे नए क्षेत्रों तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, हाइपरसोनिक और रोबोटिक्स जैसी उभरती हुई तकनीकों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीत निगम