पूसीरे ने पूर्वोत्तर में रेल कनेक्टिविटी को नए सिरे से किया परिभाषित

गुवाहाटी, 14 जून (हि.स.)। पूर्वोत्तर क्षेत्र में पिछले 12 सालों में पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) सामाजिक-आर्थिक विकास का एक मुख्य आधार बनकर उभरा है। इस क्षेत्र में रेल अवसंरचना, कनेक्टिविटी, बिजलीकरण और यात्री सेवाओं में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। बजट आवंटन, जो 2009-14 के दौरान औसतन 2,122 करोड़ रुपये था, वह 2026-27 में बढ़कर 11,486 करोड़ रुपये हो गया है। यह वृद्धि औसतन पांच गुना अधिक है। इस प्रकार पूसीरे ने पूरे क्षेत्र में बजट आवंटन के सहयोग से रेल विकास की गति को तेज किया है।

पूसीरे के सीपीआरओ कपिंजल किशोर शर्मा ने आज बताया है कि इस अवधि में सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक पूर्वोत्तर में संपूर्ण मीटर गेज को ब्रॉड गेज में बदलने के कार्यक्रम का पूरा होना है। रेलवे का बिजलीकरण, जो 2014 से पहले लगभग न के बराबर था, अब अपने नेटवर्क के 95% से अधिक हिस्से को कवर कर चुका है। 4,170 रूट किलोमीटर से अधिक रेल मार्ग का बिजलीकरण हो चुका है, जिससे तेज, पर्यावरण के अनुकूल और अधिक कुशल ट्रेन परिचालन संभव हो पाया है।

पूसीरे ने 2,000 किलोमीटर से अधिक नई रेलवे लाइनें बिछाई हैं, जिसमें नई लाइनें और दोहरीकरण परियोजनाएं शामिल हैं। साथ ही अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा और मिजोरम की राजधानियों तक रेल कनेक्टिविटी का विस्तार हुआ है। सिक्किम, नागालैंड और मणिपुर में प्रमुख रणनीतिक परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। इन परियोजनाओं से पूरे क्षेत्र में कनेक्टिविटी और अधिक मजबूत होगी।

यात्री सुविधाओं को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशनों के पुनर्विकास, आधुनिक ट्रेन सेवाओं जैसे वंदे भारत, अमृत भारत और वंदे भारत स्लीपर की शुरुआत और स्टेशनों में लिफ्ट, एस्केलेटर, डिजिटल टिकटिंग सुविधाओं एवं बेहतर अवसंरचना जैसी उन्नत सुविधाओं के प्रावधान से काफी बढ़ावा मिला है।

पूसीरे कई परिवर्तनकारी परियोजनाएं शुरू कर रहा है, जिनमें गुवाहाटी में सराईघाट पुल के साथ एक नया रेल सह सड़क पुल और कोकराझार के बासबारी में वैगन पीरियोडिक ओवरहॉलिंग कारखाना का निर्माण शामिल है। पूसीरे भूटान के साथ बनारहाट-समत्से और कोकराझार-गेलेफू रेल लिंक के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी का भी विस्तार कर रहा है, जिससे क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सीमा-पार व्यापार और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

पूसीरे ने संरक्षा, माल परिवहन विकास और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी कई अग्रणी पहल किए हैं। 500 से अधिक रोड ओवर ब्रिज और रोड अंडर ब्रिज बनाए गए हैं। एआई आधारित एलिफेंट इंट्रुज़न डिटेक्शन सिस्टम शुरू किया गया हैं। और हुलॉक गिब्बंस के लिए इनोवेटिव कैनोपी ब्रिज लगाए गए हैं। कई बड़े परिवर्तनकारी रेल परियोजनाओं का कार्य जारी रहने के साथ पूसीरे आधुनिक. समृद्ध और कनेक्टेड पूर्वोत्तर को आकार देने में एक अहम भूमिका निभा रहा है।

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