जिले के पांच विद्यालयों में बालक-बालिकांए सीख रहे तीरंदाजी
- DSS Admin
- Jun 01, 2026
ग्रामीण प्रतिभाओं को मिल रही नई दिशा
धमतरी, 01 जून (हि.स.)। जिले के पांच विद्यालयों में चल रहा तीरंदाजी प्रशिक्षण शिविर ग्रामीण क्षेत्रों की छुपी हुई खेल प्रतिभाओं को सामने लाने का मजबूत मंच बन गया है। पचपेड़ी, कोर्रा, सेजेस भखारा, मारागांव और गट्टासिल्ली स्कूल में चल रहे इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में छात्र-छात्राएं कमान साधने के साथ-साथ लक्ष्य पर सटीक निशाना लगाने की कला को निखारते हुए आत्मविश्वास और अनुशासन की नई मिसाल पेश कर रहे हैं।
जिले में नौ मई से आठ जून तक 30 दिवसीय ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को खेलों के प्रति प्रोत्साहित कर उन्हें राज्य एवं राष्ट्रीयस्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है। इस शिविर में तीरंदाजी खेल को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। प्रशिक्षण केंद्रों पर प्रतिभागियों को धनुष की सही पकड़, निशाना साधने की सटीक तकनीक, शारीरिक संतुलन, सांस नियंत्रण और मानसिक एकाग्रता जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं का अभ्यास कराया जा रहा है। नियमित अभ्यास सत्रों के माध्यम से बच्चों के प्रदर्शन में लगातार सुधार देखा जा रहा है जिससे उनमें खेल के प्रति उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ रहा है। इस प्रशिक्षण शिविर में अनुभवी प्रशिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
तीरंदाजी प्रशिक्षक सुरेश निषाद, तेजेश्वर टंडन, मनोज साहू, ताराचंद साहू एवं थामस पाल बच्चों को निरंतर मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। प्रशिक्षकों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे अनुशासन के साथ तीरंदाजी सीख रहे हैं और सही मार्गदर्शन मिलने पर उनमें उच्च स्तर की प्रतिभा तेजी से उभर रही है। सहायक जिला खेल अधिकारी जेपी देव ने बताया कि जिले में 30 दिवसीय ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर के तहत जिले के 36 प्रशिक्षण केंद्रों में 16 विभिन्न खेलों का निशुल्क प्रशिक्षण एवं नियमित अभ्यास अनुभवी प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में कराया जा रहा है। जिले के 12 ग्रामीण अभ्यास केंद्रों में से प्रत्येक को 60 हजार रुपये की खेल सामग्री उपलब्ध कराई है।

