ब्रिक्स देशों की मादक पदार्थ निरोधक एजेंसियों की बैठक गुवाहाटी में शुरू, वैश्विक ड्रग तस्करी पर साझा रणनीति पर जोर

गुवाहाटी, 06 जुलाई (हि.स.)। ब्रिक्स देशों की मादक पदार्थ निरोधक एजेंसियों के प्रमुखों की दो दिवसीय बैठक सोमवार से गुवाहाटी में शुरू हुई। बैठक में शामिल सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते मादक पदार्थों के कारोबार से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आपसी सहयोग, खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान और संयुक्त कार्रवाई को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

ब्राजील के विदेश मंत्रालय में फोकल प्वाइंट लुकास बारबोसा ने भारत द्वारा बैठक की मेजबानी के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच मादक पदार्थों के खिलाफ सहयोग की मजबूत परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने और खुफिया जानकारी साझा करने से अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा। उनके अनुसार मादक पदार्थों की तस्करी सीमाओं से परे फैला अपराध है, जिससे निपटने के लिए सभी सदस्य देशों को मिलकर काम करना होगा।

इस अवसर पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के महानिदेशक अनुराग गर्ग ने कहा कि भारत पहली बार ब्रिक्स देशों की मादक पदार्थ निरोधक एजेंसियों के प्रमुखों की मेजबानी कर रहा है। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या अब केवल किसी एक देश तक सीमित नहीं रही बल्कि यह पूरी दुनिया के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है, जिसका सबसे अधिक दुष्प्रभाव युवाओं पर पड़ रहा है।

उन्होंने बताया कि दो दिनों तक चलने वाली इस बैठक में डार्कनेट के माध्यम से होने वाली अवैध गतिविधियों, क्रिप्टोकरंसी के जरिए मादक पदार्थों के कारोबार के वित्तपोषण तथा समुद्री मार्गों से होने वाली तस्करी जैसे उभरते खतरों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। बैठक का उद्देश्य बदलते स्वरूप वाले ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को और सुदृढ़ करना तथा वैश्विक स्तर पर मादक पदार्थों के विरुद्ध अभियान को प्रभावी बनाना है।

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