बलरामपुर जिले में नलकूप खनन पर प्रतिबंध

बलरामपुर, 1 अप्रैल (हि.स.)। जिले में आगामी ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए लोगों को पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर राजेन्द्र कटारा के द्वारा छत्तीसगढ़ पयेजल परिरक्षण अधिनियम 1986 एवं 1987 की धारा 03 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग करते हुए सम्पूर्ण जिले को 1 अप्रैल से 31 जुलाई तक जलाभाव ग्रस्त क्षेत्र घोषित किया गया है। उक्त अधिनियम की धारा 6 के अंतर्गत जिले में उपरोक्त अवधि में सक्षम अधिकारी की पूर्वानुमति के बिना कोई नया नलकूप पेयजल अथया पेयजल के अलावा किसी भी अन्य प्रयोजन के लिए खनन नहीं किया जा सकेगा। लेकिन शासकीय एजेंसी जैसे-लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को संपूर्ण जिले में तथा नगरीय निकाय की सीमा के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में नलकूप खनन हेतु अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी। उन्हें केवल इस अवधि में खनन कराये गये नलकूपों की जानकारी प्राधिकृत अधिकारी को भेजना होगा। नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नलकूप खनन हेतु संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व से विधिवत अनुमति की आवश्यकता होगी।

कलेक्टर कटारा ने कहा है कि संबंधित प्राधिकृत अधिकारी अपने-अपने कार्य क्षेत्र में छत्तीसगढ़ पेयजल परिरक्षण अधिनियमों में उल्लेखित प्रावधानो के अनुसार नलकूप खनन आवश्यक होने पर अनुमति प्रदान करने की कार्यवाही करेंगे। यदि किसी व्यक्ति या एजेंसी द्वारा उक्त्त अधिनियम के उल्लंघन में नलकूप खनन करना पाया जाता है तो उसके विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पाण्डेय

   

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