धमतरी शहर में निकासी व्यवस्था बदहाल, कई कालोनियों में जलभराव से बढ़ी परेशानी

गोकुलपुर वार्ड स्थित स्कूल में परिसर में भरा है पानी।

लगातार बारिश से धमतरी में जनजीवन अस्त-व्यस्त

धमतरी, 06 जुलाई (हि.स.)। जिले में पिछले 24 घंटे से हुई मूसलाधार बारिश के बाद सोमवार को भी सुबह से दोपहर तक रिमझिम बारिश का सिलसिला जारी रहा। लगातार हो रही बारिश के कारण शहर का जनजीवन प्रभावित रहा। कई क्षेत्रों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से सड़कों, गलियों और कालोनियों में पानी भर गया, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बारिश के बीच कई स्थानों पर लोग स्वयं जल निकासी की व्यवस्था सुधारने में जुटे रहे ताकि आवागमन सुचारु हो सके।

शहर के अनेक वार्डों में जलभराव की समस्या ने नगर निगम की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। धमतरी शहर के लगभग 40 वार्डों में कई ऐसे इलाके हैं जहां वर्षों से जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं हो पाई है। तेज और लगातार बारिश होने पर गलियों में पानी भर जाना आम समस्या बन गई है। इस वर्ष मानसून की पहली तेज बारिश ने ही शहर की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। कई इलाकों में रविवार को भरा पानी सोमवार तक नहीं उतर पाया, जिससे लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में रामपुर वार्ड, बनियापारा वार्ड, विवेकानंद गली नंबर-तीन, सोरिद कालोनी, सोरिद वार्ड का भर्रीपारा क्षेत्र, गोकुलपुर वार्ड, महात्मा गांधी वार्ड तथा बालाजी कॉलोनी सहित अन्य मोहल्ले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में सड़कें तालाब जैसी नजर आईं और पैदल चलने के साथ-साथ दोपहिया वाहन चालकों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। विवेकानंद गली नंबर-तीन के निवासी सुबोध कुमार साहू, प्रेम कुमार और जयंत देवांगन ने कहा कि नगर निगम को जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करनी चाहिए ताकि हर बारिश में लोगों को इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े। उनका कहना है कि थोड़ी सी बारिश में भी गलियों में पानी भर जाने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। वहीं सोरिद कालोनी के सोहन देवांगन और ईश्वर देवांगन ने बताया कि नालियों की नियमित और प्रभावी सफाई नहीं होने के कारण पानी की निकासी रुक जाती है। नागरिकों ने नगर निगम से मानसून के दौरान जल निकासी व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए स्थायी समाधान करने की मांग की है, ताकि भविष्य में लोगों को इस समस्या से राहत मिल सके। पर्यावरणविद डा प्रदीप शर्मा ने कहा कि सफाई व्यवस्था मजबूत करने के साथ-साथ लोगों में भी जागरूकता लाने की आवश्यकता है। कई लोग नालियों में सीधे कचरा डाल देते हैं, जिससे नालियां जाम हो जाती हैं और बारिश का पानी सड़कों पर भर जाता है। नागरिक धर्म निभाते हुए नालियों में कचरा नहीं डालना चाहिए।

   

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