दिल्ली में महिला सशक्तीकरण का नया रिकॉर्ड, 8 लाख से अधिक महिलाओं के पास पहुंचा ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’
- DSS Admin
- May 19, 2026
नई दिल्ली, 19 मई (हि.स.)। दिल्ली सरकार और दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की महत्वाकांक्षी ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ योजना के तहत अब तक 8 लाख से अधिक स्मार्ट कार्ड जारी किए जा चुके हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सुविधा और आत्मनिर्भरता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निरंतर कार्य कर रही है। ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ केवल मुफ्त यात्रा की सुविधा नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को सम्मानजनक, सुरक्षित और डिजिटल रूप से सशक्त यात्रा अनुभव प्रदान करने का माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि जब सार्वजनिक परिवहन सुरक्षित, सुलभ और तकनीक आधारित होता है, तब महिलाओं के लिए शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर स्वतः बढ़ते हैं। यह योजना महिलाओं को न केवल सुविधा दे रही है, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास और स्वतंत्रता का एहसास भी करा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिंक कार्ड को तेजी से बनाने के लिए सरकार ने अभियान चला रखा है। पूरी दिल्ली की विभिन्न रिहायशी कॉलोनियों से लेकर सरकारी कार्यालयों में पिंक कार्ड को लेकर लगातार कैंप लगाए जा रहे हैं। इन कैंपों में महिलाओं का आसानी से पिंक कार्ड बन रहा है। चूंकि सारा मामला ऑनलाइन है, इसलिए दिल्ली की महिलाओं को कार्ड बनाने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। ये कैंप पूरी दिल्ली में लगातार लगते रहेंगे।
‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ एनसीएमसी आधारित ‘टैप-एंड-गो’ तकनीक से संचालित है। इसके माध्यम से महिलाओं और ट्रांसजेंडर नागरिकों को डीटीसी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलती है। यात्रियों को अब कागजी टिकट लेने की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि ईटीएम मशीन पर कार्ड टैप करते ही यात्रा दर्ज हो जाती है। यह स्मार्ट कार्ड भविष्य में मेट्रो और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में भुगतान आधारित उपयोग के लिए भी सक्षम है। कार्ड को ऑनलाइन आसानी से रिचार्ज किया जा सकता है और यात्रा का डिजिटल रिकॉर्ड भी उपलब्ध रहता है, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बन गई है।
यह योजना 5 वर्ष से अधिक आयु की दिल्ली की सभी महिलाओं और ट्रांसजेंडर निवासियों के लिए उपलब्ध है। योजना के माध्यम से महिलाओं का आर्थिक बोझ कम हुआ है और सार्वजनिक बसों में उनकी भागीदारी बढ़ने से यात्रा वातावरण अधिक सुरक्षित और सहज बना है। विशेषज्ञों के अनुसार इस सुविधा से महिलाओं को प्रतिमाह लगभग 1,200 से 2,400 रुपये तक की बचत हो रही है, जिससे परिवारों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती मिल रही है।
--------------------

