कर्मचारी महासंघ ने दी बीस मई से आंदोलन करने की चेतावनी

जयपुर, 18 मई (हि.स.)। राज्य सरकार द्वारा कर्मचारियों की लंबित मांगों पर कार्रवाई नहीं किए जाने से नाराज अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) ने अब आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। राजधानी जयपुर स्थित गवर्नमेंट प्रेस कार्यालय में आयोजित प्रदेश स्तरीय महाबैठक में महासंघ ने सरकार के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा करते हुए कर्मचारी हितों की अनदेखी पर कड़ा विरोध जताया।

महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि बैठक में राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) को बीमा कंपनी को सौंपने के प्रस्ताव का विरोध करते हुए पूर्व की भांति सभी अनुमोदित अस्पतालों में ओपीडी, आईपीडी एवं दवाओं की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई। इसके साथ ही समर्पित अवकाश (सरेंडर लीव) का भुगतान जारी करने, पदोन्नति में दो वर्ष की छूट देने, संविदा एवं ठेका कर्मचारियों के नियमितीकरण सहित लंबित 25 सूत्रीय मांगपत्र पर चर्चा हुई।

बैठक में कर्मचारियों ने चिकित्सा मंत्री के आरजीएचएस को बीमा कंपनी को देने संबंधी बयान पर भी नाराजगी जताई और सरकार को चेतावनी दी कि अब केवल आश्वासनों से काम नहीं चलेगा।

महासंघ ने घोषणा की कि 19 मई को प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम मुख्य सचिव को अंतिम चेतावनी ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद 20 मई से प्रदेश के सभी जिलों में जिला कलेक्टरों, विभागाध्यक्षों और कार्यालय प्रमुखों के माध्यम से मुख्यमंत्री को चेतावनी ज्ञापन भेजे जाएंगे।

यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो 25 मई से 30 मई तक प्रदेशभर के कर्मचारी प्रतिदिन दोपहर 12:30 बजे से 1:30 बजे तक कार्य बहिष्कार करेंगे। महासंघ ने चेतावनी दी कि इसके बाद भी समाधान नहीं हुआ तो पूरे राजस्थान में ‘कर्मचारी जागृति यात्रा’ निकालकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

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