पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी पर जबरन वसूली और धमकी देने का आरोप

कोलकाता, 29 जून (हि. स.)। पश्चिम बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक पार्थ चटर्जी के खिलाफ जबरन वसूली और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।

इस मामले में कोलकाता नगर निगम की पूर्व पार्षद घनश्री बाग तथा उनके सहयोगी तिलक भट्टाचार्य और सुदीप घोष का नाम भी शामिल किया गया है।

पुलिस के अनुसार, यह घटना वर्ष 2020 की है, जो पार्थ चटर्जी की शिक्षक भर्ती भ्रष्टाचार मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सीबीआई द्वारा गिरफ्तारी से करीब दो साल पहले की बताई जा रही है।

शिकायतकर्ता, जो ठाकुरपुकुर रोड क्षेत्र की निवासी हैं, ने आरोप लगाया कि उस समय तृणमूल कांग्रेस की सत्ता होने के कारण डर की वजह से वह पुलिस के पास नहीं जा सकीं। राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव के बाद उन्होंने ठाकुरपुकुर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर जांच शुरू कर दी गई है।

महिला ने आरोप लगाया कि उनके ससुर, जो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता हैं, को एक स्थानीय हिंसक घटना में झूठे मामले में फंसा दिया गया। घटना के समय मौके पर मौजूद नहीं होने के बावजूद उन्हें गिरफ्तार कर पहले पुलिस हिरासत और बाद में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

आरोप है कि परिवार के विरोध करने पर पार्थ चटर्जी और स्थानीय पार्षद की ओर से उन्हें बुलाकर चुप रहने का दबाव बनाया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस दौरान उनके पारिवारिक व्यवसाय को करीब छह महीने तक नुकसान पहुंचा और लगभग 40 लाख रुपये का घाटा हुआ।

महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उनके परिवार को कानूनी मदद लेने से रोका गया। आरोप है कि घनश्री बाग ने उनके पति से ससुर की रिहाई कराने के नाम पर 25 लाख रुपये वसूले। इसके बाद एक करोड़ रुपये की अतिरिक्त मांग की गई और रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी गई।

पुलिस ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। घनश्री बाग और तिलक भट्टाचार्य को जल्द पूछताछ के लिए तलब किया जा सकता है। पार्थ चटर्जी की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

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