एमसीबी : भीषण गर्मी में वरदान बनी प्रशासन की मुस्तैदी, तिलोखन गांव में सुधरी पेयजल व्यवस्था
- DSS Admin
- Jun 02, 2026

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, 02 जून (हि.स.)। छत्तीसगढ़ में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हो गया है। इसी कड़ी में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्रामीण अंचलों में बंद और खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। विकासखंड मनेंद्रगढ़ के अंतर्गत ग्राम पंचायत तिलोखन में विभाग की त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है और लंबे समय से प्रभावित पेयजल व्यवस्था एक बार फिर पूरी तरह सुधर गई है।
तिलोखन गांव में विभागीय तकनीकी टीम ने विशेष अभियान चलाकर खराब हैंडपंपों का गहन निरीक्षण किया और आवश्यक पुर्जों को बदलकर उन्हें दोबारा चालू किया। गर्मी के इस मौसम में जल स्रोतों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए जिला प्रशासन बेहद सतर्क है। जिले भर से मिलने वाली शिकायतों और स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर हैंडपंप सुधार कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि ग्रामीण इलाकों में किसी भी तरह से जल संकट की स्थिति निर्मित न होने पाए।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस तपती गर्मी में ग्रामीणों को पानी के लिए परेशान न होना पड़े, इसके लिए उनके मरम्मत दल लगातार मैदानी स्तर पर सक्रिय हैं। नियमित रूप से हैंडपंपों की जांच और रखरखाव का काम किया जा रहा है। इस त्वरित समाधान पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए तिलोखन के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का आभार जताया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में ही हैंडपंप ठीक हो जाने से अब उन्हें पानी के लिए दूर-दराज के इलाकों में भटकना नहीं पड़ रहा है और उनके निस्तार के लिए पर्याप्त पानी मिल रहा है।
पेयजल व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए जिला प्रशासन ने आम जनता से भी सहयोग की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि यदि किसी भी ग्राम या मजरे में पेयजल से जुड़ी कोई समस्या आती है, तो उसकी सूचना तत्काल संबंधित विभाग को दें। सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई कर समस्या का समाधान किया जाएगा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा पूरे जिले में चलाया जा रहा यह सुदृढ़ीकरण अभियान भीषण गर्मी के दौर में ग्रामीणों के लिए एक बड़ी राहत साबित हो रहा है।

