बंगाल बजट 2026 : हुगली को मिला अवसंरचना और नदी विकास का सहारा, वैद्यबाटी पर विशेष फोकस
- DSS Admin
- Jun 22, 2026
हुगली, 22 जून (हि.स.)। पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा सोमवार को प्रस्तुत वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में हुगली जिले के लिए किसी बड़े विशेष पैकेज या नई महत्वाकांक्षी परियोजना की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन कई ऐसी योजनाएं शामिल हैं जो जिले के आर्थिक, सामाजिक और अवसंरचनात्मक विकास को नई दिशा दे सकती हैं। विशेष रूप से वैद्यबाटी में प्रस्तावित सड़क अवसंरचना परियोजना, भागीरथी-हुगली नदी तट विकास कार्यक्रम तथा पर्यटन एवं ग्रामीण विकास से जुड़ी पहलें जिले के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
हुगली जिले के संदर्भ में सबसे महत्वपूर्ण घोषणा वैद्यबाटी क्षेत्र में आधुनिक सड़क अवसंरचना के विकास को लेकर की गई है। प्रस्तावित योजना के तहत छह लेन सड़क, फ्लाईओवर, सर्विस रोड और यातायात प्रबंधन से जुड़ी अन्य सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
श्रीरामपुर महकमे और कोलकाता महानगर क्षेत्र के बीच लगातार बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए इस परियोजना को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि परियोजना के क्रियान्वयन से जीटी रोड और दिल्ली रोड पर वाहनों का दबाव कम होगा तथा औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
हुगली जिले के औद्योगिक गलियारे में स्थित रिषड़ा, कोन्नगर, उत्तरपाड़ा, वैद्यबाटी और डानकुनी जैसे क्षेत्रों को भी इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है।
राज्य सरकार ने भागीरथी-हुगली नदी तंत्र के समग्र विकास के लिए सौ करोड़ रुपये के विशेष प्रावधान की घोषणा की है। योजना के अंतर्गत जेटी निर्माण, जेटियों को ग्रामीण बाजारों से जोड़ने वाली सड़कों का विकास, नदी तटीय बाजारों का आधुनिकीकरण तथा मत्स्य पालन गतिविधियों को प्रोत्साहन देने का लक्ष्य रखा गया है।
हुगली जिले के चंदननगर, श्रीरामपुर, उत्तरपाड़ा, वैद्यबाटी, कोन्नगर, बलागढ़ और अन्य नदी तटीय क्षेत्रों में इस योजना का प्रभाव दिखाई दे सकता है। यदि परियोजना समयबद्ध ढंग से लागू होती है, तो यह नदी आधारित परिवहन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा प्रदान कर सकती है।
बैंडेल चर्च, इमामबाड़ा, हंसेश्वरी मंदिर और चंदननगर के ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों तक आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।
राज्य सरकार ने ग्रामीण रोजगार, ग्रामीण आवास, सड़क निर्माण तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर वित्तीय प्रावधान किए हैं। जिले के आरामबाग, गोघाट, खानाकुल, पांडुआ, धानीयाखाली और बलागढ़ जैसे ग्रामीण क्षेत्रों को इन योजनाओं से लाभ मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होता है तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि हो सकती है।
इस कारण औद्योगिक और शहरी विकास के दृष्टिकोण से बजट को अपेक्षाकृत संतुलित लेकिन सीमित महत्वाकांक्षी माना जा रहा है।
कुल मिलाकर बजट में हुगली जिले के लिए कोई बड़ी राजनीतिक घोषणा या विशेष आर्थिक पैकेज नहीं है, लेकिन वैद्यबाटी अवसंरचना परियोजना, भागीरथी-हुगली नदी विकास कार्यक्रम और ग्रामीण विकास योजनाएं आने वाले वर्षों में जिले की विकास यात्रा को प्रभावित कर सकती हैं।
अब सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि सरकार इन घोषणाओं को कितनी तेजी से धरातल पर उतार पाती है। क्योंकि विकास की वास्तविक तस्वीर बजट भाषण में नहीं, बल्कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में दिखाई देती है।
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