हिन्दी को बढ़ावा देना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी : प्रो. राज कुमार मित्तल

लखनऊ, 15 मई (हि.स.)। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में शुक्रवार को हिन्दी प्रकोष्ठ की ओर से राजभाषा कार्यान्वयन समिति की त्रैमासिक बैठक का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने की।

विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने कहा कि हिन्दी को बढ़ावा देना केवल एक औपचारिक प्रयास नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए विश्वविद्यालय स्तर पर अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकते हैं। जैसे कार्यालय संबंधी गतिविधियों, नोटिंग, ड्राफ्टिंग एवं अन्य पत्राचार में हिन्दी भाषा का अधिकाधिक उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए। साथ ही विभिन्न कार्यक्रमों, बैठकों एवं आयोजनों के ब्रोशर हिन्दी भाषा में भी उपलब्ध हों तथा प्रश्नपत्रों को द्विभाषीय स्वरूप में तैयार किया जाए। जिससे विद्यार्थियों को बेहतर सुविधा प्राप्त हो सके। विश्वविद्यालय परिसर में स्थित शिक्षकों एवं कर्मचारियों के आवासों तथा गेस्ट हाउस के नाम हिन्दी में रखे जाएँ और सभी को हिन्दी में हस्ताक्षर करने के लिए भी प्रेरित किया जाए।

इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय में 'हिन्दी ट्रांसलेशन एंड इंटरप्रिटेशन सेल' तथा 'हिन्दी पब्लिकेशन सेल' की स्थापना की जा सकती है। जिससे हिन्दी में अनुवाद, प्रकाशन एवं अकादमिक सामग्री को बढ़ावा मिलेगा। प्रो. मित्तल ने बताया कि हिन्दी दक्षता को विकसित करने हेतु समय-समय पर 15 दिवसीय कार्यशालाओं का आयोजन किया जा सकता है। साथ ही प्रत्येक विभाग से 'भाषा एम्बेसडर' चुने जाएँ, जो अपने-अपने विभागों में हिन्दी के प्रयोग को प्रोत्साहित करें। विभागों में हिन्दी वॉल” बनाई जा सकती है, जहाँ प्रतिदिन 'वर्ड ऑफ द डे' अथवा हिन्दी से जुड़ी उपयोगी जानकारियाँ प्रदर्शित की जाएँ। इन छोटे-छोटे लेकिन प्रभावी प्रयासों को अपनाकर हिन्दी को व्यवहार, प्रशासन, शिक्षा एवं विश्वविद्यालय संस्कृति का सशक्त माध्यम बनाया जा सकता है।

इनके अतिरिक्त मंच पर कुलसचिव डॉ. अश्विनी कुमार सिंह एवं डॉ. बलजीत कुमार श्रीवास्तव, सहायक निदेशक, राजभाषा, बीबीएयू उपस्थित रहे।

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