जेडीए के 200 अधिकारी कर रहे राेजाना जनसुनवाई ,अब तक 35 हजार से अधिक प्रकरणों का निस्तारण

जयपुर, 12 मई (हि.स.)। जयपुर विकास प्राधिकरण

ने गुलाबी नगरी जयपुर के सुनियोजित विकास के साथ-साथ आमजन की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान के लिए निरंतर सक्रिय है।

वर्ष 2026 के दौरान जनवरी से मई माह तक जेडीए द्वारा दैनिक जनसुनवाई करते हुए अब तक लगभग 35 हजार से अधिक प्रकरणों की सुनवाई कर उनका प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जा रहा है। इस दौरान जनसुनवाई व्यवस्था की निरंतरता और प्रभावशीलता स्पष्ट रूप से देखने को मिली है। आंकड़ों के अनुसार जनवरी माह में 8,859 फरवरी माह में 8,587 प्रकरणों की सुनवाई की गई। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए मार्च में 6,686 वहीं अप्रैल माह में 7,837 मामलों की सुनवाई की गई । मई माह में अब तक लगभग 3,026 परिवादों की सुनवाई की गई है जिनका समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारण किया जा रहा है ।

जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि प्राधिकरण का उद्देश्य केवल शिकायतों का निस्तारण नहीं, बल्कि आमजन की समस्याओं का संवेदनशीलता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई व्यवस्था अब नागरिकों और प्रशासन के बीच विश्वास को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बन चुकी है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रकरण का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि नागरिकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

तकनीक आधारित निगरानी से सुदृढ़ हुई व्यवस्था

जेडीए द्वारा जनसुनवाई प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए तकनीक आधारित मॉनिटरिंग, डिजिटल ट्रैकिंग और नियमित समीक्षा व्यवस्था को सशक्त किया गया है। इससे शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता और गति दोनों सुनिश्चित हुई हैं।

इसके साथ ही जेडीए द्वारा “संवाद” कार्यक्रम के माध्यम से विभिन्न हितधारकों से नियमित रूप से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याएँ एवं सुझाव सुने जाते हैं तथा उन पर त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण कार्यवाही की जाती है।

जेडीए की यह पहल न केवल प्रशासनिक दक्षता का उदाहरण है, बल्कि पारदर्शी, जवाबदेह और जन-केंद्रित शासन की दिशा में एक मजबूत कदम भी है।

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