आर या पार : पीओके में पाकिस्तान के विरोध में उठी बंदूकें
- Sanjay Kulshrestha
- Jul 19, 2026
नई दिल्ली
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में विरोध प्रदर्शनों के बीच राजनीतिक हिंसा तेजी से बढ़ रही है। इसका ताजा मामला ढालकोट क्रॉसिंग पर देखा गया है, जब पीओके के कथित पूर्व प्रधानमंत्री सरदार तनवीर इलियास के काफिले पर हमला किया गया। हमले में उनके सिक्योरिटी गार्ड की सिर में गोली लगने से मौत हुई है। यह हाई-प्रोफाइल हमला तब हुआ, जब वह चुनावी रैली के लिए सेंट्रल बाग जा रहे थे। यह हमला दिखाता है कि स्थानीय सशस्त्र गुट अब हमलों के जरिए पाकिस्तान की पीओके में चुनाव कराने की कोशिश को पटरी से उतारना चाहते हैं।
इस हमले में तनवीर इलियास पूरी तरह सुरक्षित बच गए हैं लेकिन इस जानलेवा हमले ने इलाके में तनावपूर्ण स्थिति पैदा कर दी है। यह हमला कानून-व्यवस्था के बुरी तरह बिगडऩे को दिखाता है। क्षेत्रीय चुनावों से पहले पाकिस्तानी प्रशासन के खिलाफ स्थानीय लोगों का गुस्सा खुले सशस्त्र संघर्ष में बदलता दिख रहा है।
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में 40 दिनों से शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर के खिलाफ ऐसा विद्रोह चल रहा है, जिसकी ना ही पाकिस्तान के नेताओं ने कल्पना की थी और ना ही ढ्ढस्ढ्ढ ने. ये क्कशछ्व्य के 78 साल के इतिहास का सबसे लंबा विद्रोह है जो पाकिस्तानी सेना के रेंजर्स की गोलियां खाकर और 74 लोगों की जान गवां कर भी जारी है. इस विद्रोह से इस्लामाबाद और रावलपिंडी भी सकते में है कि कैसे पीओके के विद्रोह को शांत करवाया जा सके.
9 जून से हर दिन पीओके के पाकिस्तान से अलगाव के नारे लगाए जा रहे हैं. पाकिस्तान की सेना की तुलना आतंकियों से की जा रही है और क्या बच्चे, क्या बूढ़े पीओके का हर नागरिक पाकिस्तानी सेना के खिलाफ ताल ठोक रहा है. 9 जून को सस्ते आटे, सस्ती और 24 घंटे बिजली, सस्ते राशन, टनल, ब्रिज और 12 कथित शरणार्थी सीटों के नाम पर शुरू हुआ प्रदर्शन अब आजादी के विद्रोह में बदल गया है.
पीओके में एक किलो आटे की कीमत 178 रुपये किलो है, जबकि श्रीनगर में एक किलो आटे की कीमत 30-40 रुपये किलो है. ऐसे में प्रदर्शनकारियों की मांग थी की आंटे की कीमत, सही सप्लाई, अच्छी गुणवत्ता और उचित वितरण सुनिश्चित करने के लिए कानून बनाया जाए. पीओके में 4 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट काम कर रहे हैं जिनकी कुल क्षमता 3 हज़ार 29 मेगावाट है लेकिन ये चारो हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट नेशनल ग्रिड लाइन में शामिल होने की वजह से कुल बिजली निर्माण का 95त्न हिस्सा पाकिस्तान पहुंचा देते हैं, जिस वजह से पीओके को उसकी 400 मेगावाट की जरूरत के मुक़ाबले सिर्फ़ 151 मेगावाट मिलता है.
पाकिस्तान में बसे कथित शरणार्थियों के नाम पर 12 विधानसभा सीटों की व्यवस्था समाप्त की जाए, जिसमें ढ्ढस्ढ्ढ हिजबुल जैश ए मोहम्मद समेत आतंकियों को पीओके की संसद पहुंचाती है और सरकार गिराती है. साथ ही पीओके के बाहर लोगों को नौकरी देने पर रोक लगे. पीओके में 78 साल से पाकिस्तान की सरकार ने ना ही रेलवे लाइन बिछाई और ना ही एयरपोर्ट बनवाए. ऐसे में पीओके में एक अंतराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनवाया जाएं और रेलवे लाइन भी बिछाई जाए.
5 जुलाई को पीओके के अलग अलग इलाकों से ढाई लाख से ज़्यादा लोग मुजफ्फराबाद कूच के लिए इक_ा हुए लेकिन ऐन मौके पर बिलावल भुट्टो ने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ को प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए भेजा. इसके अलावा आसिम मुनीर ने अपने खास दूत क़मर रज़ा को प्रदर्शनकारियों को मनाने भेजा. प्रदर्शनकारियों के मुताबिक कमर रज़ा ने उन्हें बताया कि वो आसिम मुनीर के कहने पर उनसे मिलने आया है और उनकी मांगें मानने के लिए कुछ समय चाहिए।
ऐसे में प्रदर्शनकारियों ने 21 जुलाई तक का अल्टीमेटम पाकिस्तान को दे रखा है. हालांकि इस सबके बीच धोखेबाज पाकिस्तान के पीओके के लोगों को भी धोखा देने की साज़िश का पर्दाफाश हुआ. पाकिस्तान ओवरसीज फाउंडेशन के प्रमुख और मुनीर के खास जिस क़मर रज़ा ने मुजफ्फराबाद कूच इस बात पर रुकवाया था कि उसे मुनीर ने भेजा है उसने 24 घंटे में पलटते हुए बयान जारी करते हुए कहा कि उसे आसिम मुनीर ने नहीं भेजा था।

