स्वास्थ्य कार्यकर्ता निभा सकते हैं आत्महत्या रोकथाम में भूमिका : प्रकाश
- DSS Admin
- Jun 08, 2026
रांची, 08 जून (हि.स.)।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने कहा कि प्रशिक्षित सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान, समय पर हस्तक्षेप और आत्महत्या रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने सामुदायिक स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए इस पहल की सराहना की। प्रकाश झा सोमवार को केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थान (सीआईपी), रांची के मनोरोग सामाजिक कार्य विभाग की ओर से भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) के वित्तीय सहयोग से संचालित परियोजना झारखंड में ग्रामीण (जनजातीय) सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए सोमवार को सीआईपी परिसर में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ के दौरान बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
इस अवसर पर उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य और आत्महत्या जोखिम प्रबंधन प्रशिक्षण की प्रभावशीलता का मूल्यांकन के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान एमफिल मनोरोग सामाजिक कार्य के विद्यार्थियों ने मानसिक स्वास्थ्य और आत्महत्या रोकथाम विषय पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सीआईपी के प्रभारी निदेशक डॉ एके सुधांशु ने कहा कि परियोजना के प्रथम चरण में रांची जिले के 100 सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि पांच जिलों के 500 स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित कर समुदाय स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं और आत्महत्या रोकथाम प्रयासों को सुदृढ़ किया जाएगा।
कार्यक्रम में डॉ प्रभात कुमार, डॉ राजीव कुमार, प्रो अमूल रंजन सिंह, डॉ लाल मांझी, डॉ संतना, डॉ सुनील कुमार सूर्यवंशी, डॉ प्रशांत श्रीवास्तव और डॉ नरेंद्र कुमार सिंह सहित कई विशेषज्ञ मौजूद थे।
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