स्व का बोध सिर्फ व्यक्तिगत पहचान तक सीमित नहीं : अखिलेश्वर

रांची, 21 मई (हि.स.)। सरस्वती शिशु विद्या मंदिर धुर्वा में आयोजित छह दिवसीय आचार्य प्रशिक्षण वर्ग सह कार्यशाला के चौथे दिन गुरुवार को सकारात्मक एवं अनुशासित वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन, पुष्पार्चन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुई।

वैचारिक सत्र में शिशु विकास मंदिर समिति (झारखंड) के मंत्री अखिलेश्वर नाथ मिश्र ने स्व का बोध विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि स्व (खूद) का बोध केवल व्यक्तिगत पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी इससे जुड़ी हुई है। उन्होंने स्वदेशी जीवन शैली अपनाने और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने पर जोर देते हुए कहा कि इसी सोच से भारत पुनः विश्वगुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।

कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने सीबीएसई इन-हाउस ट्रेनिंग के अंतर्गत विभिन्न शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण सत्रों में भाग लिया। प्रशिक्षण में आधुनिक शिक्षण पद्धति, विद्यालयीन गतिविधियों एवं विद्यार्थियों के समग्र विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। अंतिम सत्र में आचार्यों को खेल, प्राणायाम एवं योगासन का अभ्यास कराया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से लाल अशोकनाथ शाहदेव, प्राचार्य ललन कुमार, उप प्राचार्या मीना कुमारी सहित सभी आचार्य, दीदीजी मौजूद थे।

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