कुकरगांव में फिर बेखौफ हुए खनन माफिया, ग्रामीणों ने लगाया अवैध खनन का आरोप

झांसी, 09 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के झांसी में टहरौली तहसील क्षेत्र के ग्राम कुकरगांव एक बार फिर अवैध बालू खनन और खनन माफियाओं की दबंगई को लेकर चर्चा में है। कुछ समय पूर्व जिलाधिकारी के सख्त निर्देशों के बाद प्रशासन ने नियम विरुद्ध खनन और सीमांकन क्षेत्र से बाहर उत्खनन करने पर संबंधित पट्टाधारकों पर भारी जुर्माना लगाया था। कार्रवाई के बाद कुछ समय तक खनन गतिविधियां नियंत्रित रहीं, लेकिन अब ग्रामीणों का आरोप है कि खनन माफिया फिर से बेखौफ होकर अवैध खनन में जुट गए हैं।

जानकारी के अनुसार कुकरगांव में एक फर्म को एक हेक्टेयर निजी भूमि पर बालू खनन का पट्टा स्वीकृत किया गया है। आरोप है कि पट्टे की आड़ में बेतवा नदी की जलधारा को कई स्थानों पर बाधित कर लिफ्टरों और पोकलैंड मशीनों से नियमों के विपरीत बड़े पैमाने पर बालू का उत्खनन किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सीमांकन क्षेत्र से बाहर भी खनन किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण और नदी के अस्तित्व पर खतरा उत्पन्न हो गया है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार जिला और तहसील प्रशासन के अधिकारियों से शिकायत कर कठोर कार्रवाई की मांग की, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि दबंग पट्टाधारकों और उनके कर्मचारियों के भय के कारण ग्रामीण खुलकर विरोध भी नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।

इनका है कहना

इस संबंध में एसडीएम टहरौली गौरव आर्य ने बताया कि वीडियो संज्ञान में आया है। अभी तक घाट बंद होने की जानकारी थी। मामले की जांच कराकर कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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