सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों पर आधारित माइनर डिग्री कोर्स शुरू करेगा केंद्रीय विश्वविद्यालय : प्रो. बंसल
- DSS Admin
- Jun 08, 2026
धर्मशाला, 08 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय सार्वभौमिक मानवीय मूल्य प्रकोष्ठ द्वारा सोमवार को एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने की। कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने कहा कि वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय अगले सत्र से ही सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों (यूएचवी) पर आधारित एक माइनर डिग्री कोर्स प्रारंभ किया जाएगा ताकि इसका लाभ पूरे समाज को मिल सके और समाज संवेदनशील होकर अपनी ही भारतीय संस्कृति की उदार परंपराओं में पारंगत होकर सामाजिक, पारिवारिक व व्यक्तिगत व्यवहार में मानवीय मूल्यों का ध्यान रखें तथा एक अच्छे समाज निर्माण में अपना अधिकतम योगदान दे सके।
उन्होंने कहा कि भारत प्राचीन काल से ही उदार मानवीय मूल्यों का न केवल समर्थक रहा है बल्कि उसका आचरण करते हुए संपूर्ण विश्व का मार्गदर्शन भी किया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में सार्वभौमिक मानवीय मूल्य पर आधारित एक माइनर कोर्स तो प्रारंभ किया ही जाएगा लेकिन विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों शोधार्थियों को भी इन बातों की जानकारी मिल सके, इसके लिए चल रहे पाठ्यक्रमों में मानवीय मूल्य को समाहित किया जाएगा। साथ ही विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों के लिए यू.एच.वी. पर आधारित कार्यशालाएं और इस प्रकार की संगोष्ठियों के भी आयोजन भविष्य में करवाए जाएंगें।
जीवन में उच्च नैतिक मूल्यों का पालन करना ही सर्वोच्च मानवीय मूल्य : प्रो. अरोड़ा
अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के सार्वभौमिक मानवीय मूल्य प्रकोष्ठ के अध्यक्ष तथा कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं मुख्य अतिथि प्रोफेसर रजनीश अरोड़ा ने कहा कि उच्चतर शिक्षा में सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों को समाहित करने का एकमात्र उद्देश्य यह है कि विद्यार्थी तकनीकी, प्रबंधन, कला एवं समाजिक विज्ञान का ज्ञान अर्जित करते हुए संवेदनशील भी बनें। एक दूसरे का सम्मान करना, व्यक्ति गत जीवन, सार्वजनिक, पारिवारिक व संस्थागत जीवन में उच्च नैतिक मूल्यों का पालन करना ही सर्वोच्च मानवीय मूल्य हैं।
उन्होंने बताया कि सार्वभौमिक मानवीय मूल्य वास्तव में मूल्य आधारित शिक्षा है जो कि शाश्वत शिक्षाएं हैं जो कभी बदलती नहीं है। यह हर देश, काल, स्थिति में यथावत रहती हैं और तथा तर्क के आधार पर शाश्वत होती हैं। प्रो. अरोड़ा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का भी यही उद्देश्य है कि आज का युवा विभिन्न प्रकार के कौशलों से युक्त भी हो तथा सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों से भी परिपूर्ण भी हो।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता अकादमिक प्रो. प्रदीप कुमार, कुलसचिव प्रो. नरेंद्र संख्यान सहित विभिन्न विभागों के विभाग अध्यक्ष, केंद्रों के निदेशक व अनेक विभागों के संकाय सदस्य, शोधार्थी और विद्यार्थी अच्छी खासी संख्या में उपस्थित रहे।

