मध्यान्ह भोजन कर्मियों ने सौंपा 10 सूत्रीय मांगपत्र, छह जुलाई से चलेगा हस्ताक्षर
- DSS Admin
- Jun 30, 2026
धमतरी, 30 जून (हि.स.)। छत्तीसगढ़ मध्यान्ह भोजन मजदूर एकता यूनियन (सीटू) ने मंगलवार को कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी को 10 सूत्रीय मांगपत्र सौंपकर मध्यान्ह भोजन कर्मियों की लंबित मांगों को आगामी मानसून सत्र में पूरा करने की मांग की।
यूनियन के राज्य अध्यक्ष समीर कुरैशी ने बताया कि धमतरी सहित प्रदेश के 146 विकासखंडों में 45 हजार से अधिक स्कूलों में लगभग 57 हजार रसोइया और सहायिकाएं प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक मध्यान्ह भोजन तैयार कर बच्चों को भोजन कराने का कार्य करती हैं। इसके बावजूद उन्हें केवल 2000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने मानदेय में 50 प्रतिशत वृद्धि का वादा किया था, लेकिन वर्ष 2024, 2025 और 2026 के तीन बजट सत्र बीत जाने के बाद भी यह घोषणा पूरी नहीं हुई।
यूनियन ने 13 से 17 जुलाई तक प्रस्तावित मानसून सत्र में मध्यान्ह भोजन कर्मियों की मांगों को स्वीकृति देने की मांग की है। महासचिव ललिता साहू और कोषाध्यक्ष अनुसुईया कंडरा ने कहा कि पिछले 15 वर्षों से बेहद कम मानदेय में पूरे दिन स्कूलों में कार्य करने के कारण रसोइया और सहायिकाएं कोई दूसरा रोजगार भी नहीं कर पातीं। उन्होंने बताया कि अन्य राज्यों, विशेषकर हरियाणा में रसोइयों को दो वर्दी और 7000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है।
बालाराम मरकाम, सीता साहू, अमरिका नेताम, नैमिन निषाद और समारी यादव ने भी सरकार पर मध्यान्ह भोजन कर्मियों की उपेक्षा का आरोप लगाया। जिला समिति अध्यक्ष मणिराम देवांगन ने सरकार से कर्मियों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर मानसून सत्र में उनका निराकरण करने की मांग की।
समीर कुरैशी ने बताया कि 6 जुलाई से 21 जुलाई तक 15 दिवसीय हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत धमतरी सहित प्रदेशभर के गांवों में रसोइया, सहायिकाओं और समूहों से जुड़ी महिलाओं की 10 सूत्रीय मांगों के समर्थन में 50 हजार हस्ताक्षर जुटाए जाएंगे। इसके बाद 22 जुलाई को कलेक्टर कार्यालय में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम मांगपत्र सौंपा जाएगा।

