छोटा उदेपुर, 05 जुलाई (हि.स.)। गुजरात राज्य के वरिष्ठ आदिवासी नेता, पूर्व वन मंत्री और 10 बार विधायक रहे मोहन सिंह राठवा का 82 वर्ष की आयु में रविवार को निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ थे और पिछले कुछ समय से सक्रिय राजनीति से दूर थे। उनके निधन से छोटा उदेपुर सहित पूरे गुजरात के राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
मोहन सिंह राठवा गुजरात के सबसे वरिष्ठ और लोकप्रिय आदिवासी नेताओं में गिने जाते थे। उनका राजनीतिक जीवन बहुत गौरवपूर्ण रहा। उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक सफर के दौरान छोटा उदेपुर और पावी-जेठपुर विधानसभा क्षेत्रों से अलग-अलग कार्यकाल में कुल 10 बार विधायक (एमएलए) चुने जाने का रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने गुजरात सरकार में वन मंत्री के रूप में भी अपनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई और आदिवासी क्षेत्रों के विकास, शिक्षा, सड़क, सिंचाई तथा जनकल्याण के लिए उल्लेखनीय कार्य किए।
उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे लगातार भारी मतों से चुनाव जीतते रहे। उन्होंने पावी-जेठपुर विधानसभा सीट से आठ बार जीत दर्ज की, जबकि छोटा उदेपुर विधानसभा सीट से दो बार चुनाव मैदान में उतरे और क्षेत्र की जनता का भरपूर विश्वास हासिल किया।
वर्ष 2022 के गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले मोहनसिंह राठवा ने बड़ा राजनीतिक फैसला लेते हुए कांग्रेस का साथ छोड़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ग्रहण की। इसके बाद भाजपा ने उनके परिवार पर विश्वास जताते हुए उनके छोटे पुत्र राजेंद्रसिंह राठवा को विधानसभा चुनाव का टिकट दिया। राजेंद्र सिंह राठवा ने अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए चुनाव जीता और वर्तमान में छोटा उदेपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। वहीं उनके बड़े पुत्र सहकारिता क्षेत्र से जुड़े हुए हैं और वर्तमान में बड़ौदा डेयरी के निदेशक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
मोहन सिंह राठवा की पहचान केवल एक सफल राजनेता के रूप में ही नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले एक मजबूत जननेता के रूप में भी थी। जमीन से जुड़े इस नेता ने अपना पूरा जीवन जनसेवा और आदिवासी समाज के उत्थान के लिए समर्पित किया। लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे मोहनसिंह राठवा ने आज अंतिम सांस ली। उनके निधन को गुजरात की राजनीति और आदिवासी नेतृत्व के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
राज्यसभा के सांसद मुकेश राठवा ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि राठवा समाज के वरिष्ठ अग्रणी, छोटा उदेपुर विधानसभा के पूर्व विधायक एवं जनसेवा को अपना जीवनधर्म बनाने वाले मोहनसिंह राठवा जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद एवं पीड़ादायक है।
मोहनसिंह राठवा ने अपना संपूर्ण जीवन आदिवासी समाज के उत्थान, समाज के अधिकारों की रक्षा और जनकल्याण के कार्यों के लिए समर्पित किया। उनका संघर्ष, सादगी, नेतृत्व और समाज के प्रति समर्पण सदैव हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। उनके निधन से राठवा समाज ही नहीं, बल्कि पूरे गुजरात की राजनीति और सामाजिक जीवन ने एक अनुभवी एवं जनप्रिय नेता को खो दिया है।
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