मुंबई, 28 मई (हि.स.)। महाराष्ट्र सरकार ने एक साल में रोके 1450 बाल विवाह रोकने में सफलता हासिल की है। महिला व बाल कल्याण मंत्री अदिति तटकरे ने कहा है कि राज्य को पूरी तरह से बाल विवाह मुक्त बनाना ही सरकार का मुख्य संकल्प और ध्येय है।
मंत्री अदिति तटकरे ने बताया कि पिछले वर्ष 1400 और इस वर्ष अब तक रिकॉर्ड 1450 बाल विवाह रोकने में सफलता मिली है। सरकार केवल बाल विवाह नहीं रोक रही, बल्कि इस सामाजिक कुप्रथा की जड़ तक जाकर इसके कारणों को हमेशा के लिए खत्म करने का प्रयास कर रही है। बाल विवाह रोकने के लिए कानूनी प्रावधानों को बेहद कड़ा किया गया है। अब न केवल बाल विवाह कराने वाले माता-पिता, बल्कि शादी संपन्न कराने वाले पुरोहितों और विवाह समारोह में उपस्थित रहने वाले मेहमानों पर भी मामले दर्ज किए जा रहे हैं। इस कड़ी कार्रवाई का ही नतीजा है कि अकेले अक्षय तृतीया के दिन विभाग ने 34 बाल विवाह रुकवाए। विभाग की मुस्तैदी के कारण अहिल्यानगर जिले में 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच कुल 155 बाल विवाह रोके गए हैं और दोषी परिवारों के खिलाफ 15 एफआईआर दर्ज की गई हैं। राज्य में कहीं भी बाल विवाह होने या अल्पवयीन माता का मामला सामने आने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1098 पर कॉल करने की अपील कई गई है। इसके अलावा जिला बाल संरक्षण इकाई या जिला महिला व बाल कल्याण अधिकारी कार्यालय से भी संपर्क किया जा सकता है।
मंत्री अदिति के अनुसार मराठवाड़ा जैसे क्षेत्रों में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर रोजगार के लिए आते हैं। मजदूरी के दौरान वे अपनी 12-14 साल की बेटियों को घर पर अकेला छोड़ने के डर से उनका विवाह कर देते हैं। इस गंभीर समस्या को सुलझाने के लिए सरकार ने इन बच्चियों के लिए सुरक्षित बाल गृहों की शुरुआत की है। बच्चों के लिए एक आधुनिक ट्रैकिंग पोर्टल भी शुरू किया गया है। यदि कोई श्रमिक परिवार एक जिले से दूसरे जिले में जाता है, तो उनके बच्चों का नई जगह की आंगनवाड़ी में ऑटो-रजिस्ट्रेशन हो जाता है।
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