शिक्षा क्षेत्र को बड़ी सौगात, 117 स्कूल लेक्चरर्स को नियुक्ति
- Sanjay Kulshrestha
- Jul 09, 2026
‘बुनियाद से बुलंदी तक’ शिक्षा कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री ने 115 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन किया, मेधावी छात्रों और शिक्षकों को किया सम्मानित
जम्मू, 8 जुलाई
जम्मू-कश्मीर सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए वर्षों बाद स्कूल शिक्षा विभाग में 117 नवचयनित स्कूल लेक्चररों को नियुक्ति पत्र सौंपे। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने यह नियुक्तियां च्एजुकेशन कॉन्क्लेव 2026 – बुनियाद से बुलंदी तकज् के दौरान प्रदान कीं। इसी अवसर पर उन्होंने बजट 2026 की घोषणा को अमल में लाते हुए अंत्योदय अन्न योजना से जुड़े परिवारों के स्कूल और कॉलेज छात्रों के लिए पूर्ण फीस माफी की घोषणा भी की। समग्र शिक्षा तथा स्कूल एवं उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित इस कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी 115 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 2,109 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इसके अलावा वर्चुअल कक्षाओं के लिए अत्याधुनिक स्टूडियो और सरकारी इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी कॉलेज, जम्मू के लिए हाई-टेक ऑडिटोरियम का भी उद्घाटन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान 67 मेधावी स्कूल एवं कॉलेज विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया, जबकि राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को भी उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मान प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री ने छात्र नवाचारों, संस्थागत सुधारों और तकनीकी पहलों को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया और विद्यार्थियों की नवाचार क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा और तकनीक के माध्यम से समाज की वास्तविक समस्याओं का समाधान संभव है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शिक्षा मंत्री सकीना इटू द्वारा शुरू किए गए सुधारों और बजटीय पहलों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार शिक्षा के बुनियादी ढांचे, संस्थागत विकास, शिक्षकों की कार्य परिस्थितियों में सुधार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए निरंतर निवेश करती रहेगी। उन्होंने शिक्षकों को समाज की रीढ़ बताते हुए कहा कि हर पेशे की नींव एक शिक्षक से ही शुरू होती है और सरकार विद्यालयों को सुदृढ़ बनाने तथा शिक्षण व्यवस्था को और बेहतर करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कॉन्क्लेव में शिक्षा मंत्री सकीना इटू, कृषि मंत्री जावेद अहमद डार, मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी, कई विधायक, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, विश्वविद्यालयों के कुलपति, शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षाविद और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि जम्मू-कश्मीर का शिक्षा क्षेत्र नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है और प्रदेश के विद्यार्थियों का भविष्य उज्ज्वल है।

