एवरेस्ट बेस कैंप फतह कर बलरामपुर की बेटियों ने बढ़ाया जिले का गौरव

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बलरामपुर 17 मई (हि.स.)। जनपद की तीन बेटियों ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए 16 मई को विश्व के सबसे कठिन ट्रेकिंग स्थलों में से एक एवरेस्ट बेस कैंप तक सफलता पूर्वक पहुंचकर पूरे जिले का गौरव बढ़ाया है। यह उपलब्धि केवल एक ट्रेकिंग अभियान नहीं, बल्कि बेटियों के आत्मविश्वास, साहस, संकल्प और नए भारत की बदलती तस्वीर का प्रतीक बन गई है। इन बालिकाओं ने अपने अदम्य साहस और दृढ़ इच्छाशक्ति से समाज को यह संदेश दिया है कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं।

जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी ने बालिकाओं की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि जनपद प्रशासन बेटियों के सर्वांगीण विकास, खेल, शिक्षा एवं साहसिक गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहित करता रहेगा। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि पूरे जनपद के लिए प्रेरणादायी है तथा अन्य बालिकाओं को भी अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करेगी। आज बलरामपुर की ये बेटियां हर उस बच्ची के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं, जो अपने जीवन में बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस रखती है। उनकी यह सफलता जनपद के लिए गर्व का विषय होने के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश भी है।

उल्लेखनीय है कि 7 मई को महिला सशक्तिकरण की दिशा में जनपद की तीन प्रतिभाशाली छात्राएं—कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय पचपेड़वा की छात्रा नीलांशु, डीएवी इंटर कॉलेज की छात्रा प्रियंका उपाध्याय एवं कंपोजिट स्कूल रामनगरा की छात्रा प्रियंका प्रजापति—एवरेस्ट बेस कैंप अभियान के लिए रवाना हुई थीं। इन्हें कलेक्ट्रेट परिसर से जनप्रतिनिधियों एवं जिलाधिकारी द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया था।

   

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