हांसी : चानौत में बिजली-पानी की मांग पर आंदोलन तेज, 101 पुरुष भूख हड़ताल पर

चानौत गांव में अनशन पर बैठे ग्रामीण।


पहले 51 महिलाएं बैठी थीं अनशन पर, 80 साल के

बुजुर्ग भी आंदोलन में शामिल

ग्रामीणों ने दी चेतावनी-मांग नहीं मानी तो निकालेंगे सरकार की सांकेतिक शव यात्रा

हांसी, 04 जून । पेयजल और बिजली की मांग

पर चानौत गांव में चल रहा धरना 20वें दिन भी जारी रहा। आंदोलन को तेज करते हुए गुरुवार

को गांव के 101 पुरुष ग्रामीण भूख हड़ताल पर बैठ गए। इससे एक दिन पहले बुधवार को गांव

की 51 महिलाएं अनशन पर बैठी थीं।

धरने पर बैठे ग्रामीणों की मुख्य मांग हांसी शहर

को पेयजल आपूर्ति करने वाली भाखड़ा पाइपलाइन से चानौत गांव को कनेक्शन देने की है।

ग्रामीणों का कहना है कि इससे गांव की वर्षों पुरानी पीने के पानी की समस्या का स्थायी

समाधान हो जाएगा। इसके अलावा ग्रामीण गांव में करीब 42 साल पहले लगाए गए बिजली के जर्जर

तारों को बदलने व बिजली व्यवस्था को सुधारने की मांग कर रहे हैं।

सरपंच प्रतिनिधि, पूर्व सरपंच और 80 साल के बुजुर्ग

अनशन पर

गुरुवार को धरनास्थल पर भूख हड़ताल पर बैठे ग्रामीणों

में सरपंच प्रतिनिधि हिमांशु, पूर्व सरपंच सत्यवान समेत गांव के कई प्रमुख लोग शामिल

हैं। खास बात यह है कि 80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग भी आंदोलन में भाग ले रहे हैं।

अनशन पर बैठे कुछ ग्रामीणों पर आंदोलन के दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने

की धाराओं में मुकदमे भी दर्ज हैं।

धरना स्थल पर बैठे ग्रामीणों ने चेतावनी दी है

कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो शुक्रवार को सरकार की सांकेतिक शव

यात्रा निकाली जाएगी। आंदोलनकारियों का कहना है कि प्रशासन को अब उनकी आवाज सुननी होगी। प्रशासन के बुलावे पर बुधवार शाम को ग्रामीणों

के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त राहुल नरवाल और पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार से विश्रामगृह

में मुलाकात कर उनके समक्ष अपनी मांगें रखी थीं। हालांकि डीसी की ओर से कमेटी के सामने

गांव में बरसाती पानी निकासी के लिए आरसीसी लाइन डालने का प्रस्ताव, हर महीने अधिकारियों

के साथ गांव में रात्रि ठहराव, खेत-खलिहान और गलियों के रास्तों की मरम्मत, श्मशान

घाट के विकास कार्यों सहित खरकड़ी गांव से 12 इंची विशेष पानी की लाइन डलवाने तथा गांव

के लिए स्थायी बिजली व्यवस्था का प्रबंध किए जाने का प्रस्ताव रखा गया। हालांकि, अभी

तक इस मुलाकात का कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी

बढ़ती जा रही है।

धरना कमेटी ने स्पष्ट किया है कि जब तक भाखड़ा

पाइपलाइन से गांव को पानी का कनेक्शन देने और बिजली समस्या के समाधान को लेकर सरकार

कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लेती, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा। ग्रामीणों का कहना

है कि यह संघर्ष गांव के भविष्य और बुनियादी सुविधाओं के अधिकार की लड़ाई है।

   

सम्बंधित खबर